
दैनिक भारत न्यूज
हरदोई।
जिले की शाहाबाद नगर पालिका परिषद में उस समय हड़कंप मच गया जब अधिशासी अधिकारी (ईओ) कृष्ण कुमार सोनकर को उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने कथित रूप से दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद नगर पालिका और प्रशासनिक हलकों में दिनभर इस मामले की चर्चा होती रही।
मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई। सदर बाजार, हरदोई निवासी सुदेश कुमार गुप्ता ने सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ सेक्टर के पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनकी फर्म लंबे समय से नगर पालिका परिषद शाहाबाद में विद्युत आपूर्ति और संबंधित कार्य कर रही है। फर्म के कई कार्यों का भुगतान काफी समय से लंबित था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि बकाया भुगतान जारी करने के एवज में अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार सोनकर ने दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। साथ ही यह भी कहा गया कि पूर्व में हुए भुगतानों पर कमीशन नहीं दिया गया है, इसलिए बिना रिश्वत दिए बकाया बिलों का भुगतान नहीं किया जाएगा। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए पूरे मामले की जानकारी सतर्कता विभाग को दिया।शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच के दौरान लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद लखनऊ सेक्टर की ट्रैप टीम ने कार्रवाई की योजना तैयार की।
और जाल बिछाकर कार्रवाई की और आरोप है कि जैसे ही शिकायतकर्ता ने अधिशासी अधिकारी को दो लाख रुपये दिए, उसी समय सतर्कता टीम ने उन्हें पकड़ लिया। टीम ने मौके पर ही आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और आरोपी अधिकारी को हिरासत में ले लिया। सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों के अनुसार, कृष्ण कुमार सोनकर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ भी की जा रही है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके।
