दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
गुरुवार को अतरौलिया डाक बंगले में मौजूद कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी पर अपराधियों को जाति के आधार पर संरक्षण देने का आरोप लगाया। कहा कि यह सपा का पुराना राजनीतिक कल्चर रहा है।
मुसलमानों को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि त्योहार भाईचारे और सौहार्द के प्रतीक हैं। सड़क पर नमाज न पढ़ने और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न देने के सरकारी निर्देशों का समर्थन करते हुए कहा कि हाईकोर्ट की स्पष्ट व्यवस्था है कि सार्वजनिक मार्गों पर यातायात बाधित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लगातार लोगों से मस्जिदों में नमाज अदा करने की अपील कर रहे हैं।
जौनपुर मुठभेड़ को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि जिस आरोपी रवि यादव के समर्थन में विपक्ष बयानबाजी कर रहा है, उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 23 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले आरोपी का आपराधिक इतिहास पढ़ ले, उसके बाद बयान दे।
कैबिनेट मंत्री ने समाजवादी पार्टी पर जातिवादी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विभिन्न जिलों में पिछड़े और दलित समाज के लोगों की हत्या और उत्पीड़न की घटनाओं पर विपक्ष चुप्पी साध लेता है, लेकिन जब आरोपी किसी विशेष जाति का होता है तो उसे बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी जाती है। उन्होंने मुबारकपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक दलित जनप्रतिनिधि की हत्या के आरोपियों को बचाने के लिए सपा नेता पुलिस अधिकारियों तक से मिलने पहुंच गए थे।
जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड के फरार आरोपियों भोले राजभर और प्रदीप बिंद के संबंध में पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी अपराधी के प्रति नरम रुख नहीं अपना रही है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है और गिरफ्तारी होते ही कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है कि अपराधी चाहे किसी भी जाति या दल से जुड़ा हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
चुनाव आयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री राजभर ने कहा कि आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और अदालत के निर्णय ने विपक्ष के झूठे आरोपों की पोल खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की जांच में 12 हजार से अधिक मृतक मतदाताओं के नाम मिले हैं, जिनके जरिए फर्जी मतदान कराया जाता था। अब जब ऐसे मामलों पर कार्रवाई हो रही है तो विपक्ष अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बौखलाहट में बयानबाजी कर रहा है।

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