
दैनिक भारत न्यूज
चित्रकूट।
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक दलित आदिवासी कोल युवक की मौत ने कानून व्यवस्था, पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ईंट भट्ठे में मजदूरी करने गए युवक ने जब अपनी मेहनत की मजदूरी मांगी तो दबंग ठेकेदार के गुर्गों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। परिजनों का आरोप है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस ने सुनवाई करने के बजाय उन्हें भगा दिया। इसके बाद जब गंभीर हालत में युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया तो वहां भी इंसानियत शर्मसार हो गई। आरोप है कि डॉक्टर ने पैर में सेंसेशन जांचने के नाम पर लाइटर से युवक का पैर जला दिया। इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। अब परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं। चित्रकूट के मानिकपुर थाना क्षेत्र के ऊचाडीह गांव निवासी दलित आदिवासी कोल युवक लवलेश रोजी-रोटी की तलाश में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गया था। परिजनों के मुताबिक कई दिनों की मजदूरी बकाया थी। जब लवलेश ने अपनी मेहनत की कमाई मांगी तो भट्ठा संचालक और दबंगों ने उसके साथ जमकर मारपीट की। आरोप है कि उसे इतना पीटा गया कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि घायल लवलेश को लेकर जब वे मानिकपुर थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की, तो पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें थाने से भगा दिया। परिवार का कहना है कि यदि उसी समय पुलिस कार्रवाई करती तो शायद आज लवलेश की जान बच सकती थी। गंभीर हालत में परिजन लवलेश को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन यहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर ने युवक के पैर में सेंसेशन जांचने के नाम पर लाइटर से उसका पैर जलाया। परिजनों का आरोप है कि घायल युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। वही इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कांत राय का कहना है कि जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर इलाज हेतु जिला अस्पताल ले आई। जहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई, परिजनों की तहरीर पर विधिक कार्यवाही की जा रही है।
