
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
स्वयं रोजगार योजना के तहत संचालित THR /टीओआर प्लांटों पर कच्चे माल की खरीद और फर्मों को दिए जा रहे खरीद आदेश को लेकर सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के तहत महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी गई हैं। कहा जा रहा कि शासन के इस महत्वपूर्ण योजना में गड़बड़ झाला है। जांच होने पर कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट पतरूराम विश्वकर्मा द्वारा जन सूचना अधिकारी/उपायुक्त (स्वत: रोजगार), आजमगढ़ को आवेदन भेजा है।
आवेदन में आरटीआई एक्टिविस्ट ने जनपद में स्वयं रोजगार योजना के तहत चल रहे टीओएचपीआर प्लांटों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर अभिलेखीय प्रमाण सहित सूचना उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्होने विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सवाल पूछा है कि आजमगढ़ में स्वयं रोजगार योजना के तहत जितने भी टीओएचपीआर प्लांट संचालित हैं, उनमें कच्चे माल की खरीद के लिए विज्ञापन निकाला जाता है या नहीं। यदि विज्ञापन जारी नहीं किया जाता है तो इसके पीछे क्या कारण है, खरीद के लिए विज्ञापन जारी किए जाने की स्थिति में आजमगढ़ में विज्ञापन जारी न करने का उद्देश्य और कारण भी स्पष्ट करने को कहा गया है। इसके अलावा आजमगढ़ में संचालित सभी टीओएचपीआर प्लांटों में कच्चे माल की खरीद एक ही मूल्य पर होती है अथवा अलग-अलग दरों पर। यदि अलग-अलग कीमतों पर खरीद की जा रही है तो संबंधित दरों का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा प्लांटों में माल उपलब्ध कराने के लिए खरीद आदेश जारी किए जाते हैं। संबंधित फर्म जीएसटी तथा पैन युक्त हैं या नहीं और क्या वे एक वर्ष का आईटीआर प्रस्तुत करती हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि इन नियमों का पालन किन-किन फर्मों द्वारा किया जाता है और संबंधित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
इसके अलावा आजमगढ़ में संचालित सभी फर्मों में से यदि कोई फर्म ब्लैक लिस्टेड है तो उसकी जानकारी और ब्लैक लिस्टेड फर्मों की सूची मांगे हैं। उनका आवेदन 18 अगस्त 2026 को किया गया है। बताया जाता है कि शासन के इस महत्वपूर्ण योजना के जरिए आजमगढ़ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी है। जिसकी सही से जांच हो तो करोड़ों का घपला उजागर होगा, कई सफेदपोश बेनकाब हो जाएंगे।
