
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
गंभीरपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव के पास रविवार की रात पुलिस और पशु तस्करों की मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से की गई फायरिंग में एक पशु तस्कर घायल हो गया। जबकि दूसरे ने सरेंडर कर दिया। इनके कब्जे से प्रतिबंधित मांस, लोहे का चापड़, तमंचा और कारतूस बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक यह दोनों सगे भाई हैं। काफी दिनों से प्रतिबंधित पशुओं का वध करके उनकी मांस सप्लाई कर रहे थे। मांस की सप्लाई से जो पैसा मिलता था, उससे अवैध असलहा खरीदते थे। ताकि अपराध के दौरान कोई विरोध करे तो उसे असलहा दिखाकर धमका सकें।
सीओ लालगंज आस्था जायसवाल के मुताबिक गिरफ्तार तस्करों में जमीन पुत्र स्व. मोबिन और उसका भाई सलमान है। यह दोनों गंभीरपुर थाना क्षेत्र के लहबरिया सरसेना खालसा गांव के निवासी हैं। क्षेत्र में घूमने वाले आवारा प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर एकांत में ले जाते हैं और उनका वध करके मंहगे दाम पर मांस बेचने का काम करते हैं।
सीओ ने बताया कि एसओ गंभीरपुर अमित कुमार त्रिपाठी रविवार की रात को अपनी टीम के साथ क्षेत्र भ्रमण कर रहे थे। इस दौरान मुखबिर के जरिए सूचना मिली की सरसेना खालसा गांव के पास प्रतिबंधित पशु का वध करके मांस सप्लाई के लिए ले जा रहे हैं। पुलिस खर्राटी से आंवक मोड़ पर स्थित जमालपुर गांव के पास पहुंची और सामने से बाइक सवार आते दिखाई दिए। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो तस्करों ने फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली जमील के पैर में लगने से वह घायल हो गया। जबकि दूसरे तस्कर ने सरेंडर कर दिया। पुलिस तस्करों के पास से दस किलो प्रतिबंधित मांस, अवषेश, लोहे का चापड़, तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की। सीओ ने बताया कि दोनों तस्कर सगे भाई हैं। यह दोनों प्रतिबंधित पशुओं का वध करके मांस बेच रहे थे। इससे जो पैसा मिलता था, उससे अवैध असलहा खरीदते थे। ताकी घटना को अंजाम देते समय यदि कोई विरोध करे तो उसे धमका सकें। सीओ ने बताया कि यह पेशेवर अपराधी हैं। इनके विरुद्ध कई आपराधिक मुकदमे संबंधित थाने में दर्ज है।
