दैनिक भारत न्यूज

आज़मगढ़।
बुधवार को आजमगढ़ पहुंचे कैबिनेट मंत्री डा. संजय निषाद को विरोध का सामना करना पड़ा। उन्हें काला झंडा दिखाया गया। हालांकि इस संबंध में पुलिस पांच लोगों को हिरासत में ले ली है। जबकि अन्य की तलाश में जुटी हुई है। जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है। तह लोग निषाद राज की प्रतिमा न लगाए जाने से नाराज हैं।
आजमगढ़ शहर के नेहरु हाल सभागार में बुधवार को मत्स्य उत्पादकता बढ़ाने के लिए मण्डलीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। जिसमें कैबिनेट मंत्री मत्स्य विभाग डॉ. संजय निषाद संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनके ही लोग कार्यक्रम में पहुंचे और मंत्री डॉ. संजय निषाद पर वादा खिलाफी का आरोप लगाकर नारेबाजी शुरू कर दिया और मंत्री को काला झंडा दिखाए। इस दौरान कार्यक्रम में अफरा तफरी मच गयी। पुलिस किसी तरह से कार्यक्रम से युवाओं को बाहर निकाली। पुलिस पांच युवाओं को हिरासत में लेकर कोतवाली भेजवा दी।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय निषाद, मनोज, राजेंद्र आदि का कहना था कि वे सभी लोग  मंत्री डॉ. संजय निषाद के साथ हैं। मंत्री ने कई वर्ष पहले वादा किया था कि वे आज़मगढ़ में वर्षो से रखी गई निषादराज की प्रतिमा को चौराहे पर लगवाएंगे, लेकिन आज तक प्रतिमा नहीं लग सकी। इसी वादे को याद दिलाने के लिए एक ज्ञापन देने के लिए हम लोग गए थे। उन्होंने ने कहा कि वहां मंत्री जी कोई काला झंडा नहीं दिखाया गया।
इधर मंत्री डॉ. संजय निषाद ने आज़मगढ़ में प्रतिमा न लगाएं जाने के सवाल पर कहा कि सबसे बड़ा दोषी तो वह है जिसकी सरकार में प्रतिमा रखी गई। उन्होंने कहा कि उनसे बड़ा कोई निषादराज का भक्त नहीं होगा। पूरी जिंदगी ही भक्ति में लगा दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 आते-आते निषादराज और भगवान राम की प्रतिमा हर चौराहे पर नहीं लगा दिया तो डॉ. संजय नाम नहीं। हमने कागज लिया है और उसे मुख्यमंत्री के यहां पहुंचकर प्रतिमा लगवाने की व्यवस्था करूंगा।

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