दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा का क्लेम लगभग 22 महीने देर से देने के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी बीमा की राशि दो लाख रुपये पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने तथा मानसिक और शारीरिक कष्ट की क्षतिपूर्ति के तौर पर बीस हजार रुपए देने का आदेश दिया है।
पीड़ित दीनानाथ निवासी छपरा सुल्तानपुर थाना जीयनपुर के पुत्र कमल कुमार का बचत खाता गांव में ही स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में था। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना लागू की गई। जिसमें खाता धारक केवल 12 रुपए प्रतिवर्ष का प्रीमियम जमा करता था। जिसके तहत खाताधारक की दुर्घटना में मौत होने पर उसके वारिस को दो लाख रुपये का क्लेम मिलना था। दीनानाथ के पुत्र कमल कुमार का एक सड़क दुर्घटना में 15 जून 2019 निधन हो गया।कमल कुमार के मामले यूनियन बैंक ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया था। मृतक कमल कुमार के पिता दीनानाथ के काफी प्रयास के बाद न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने कमल कुमार की मृत्यु के 21 महीने 13 दिन बाद 30 जून 2021 को दो लाख रुपए दीनानाथ के खाता में जमा किया। क्लेम देने में हुई देरी को लेकर दीनानाथ ने उपभोक्ता आयोग में 2021 में मुकदमा दाखिल किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार तथा सदस्य प्रतिष्ठा वर्मा ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया कि वह क्लेम देने में हुई देरी के लिए दो लाख रुपये पर नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज तथा मानसिक व शारीरिक कष्ट की क्षतिपूर्ति के लिए 20 हजार रूपये दीनानाथ को अदा करे।

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