
सुरेंद्र राय
पटवध।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के बिलरियागंज ब्लाक में बगैर मान्यता लिए धड़ल्ले से विद्यालय संचालित करके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा। ऐसे विद्यालयों पढ़ाने वाले शिक्षक भी अनट्रेंड हैं और अध्यापक होने के लिए पढ़ाई का जो मापदंड निर्धारित हैं उससे काफी दूर हैं। ऐसे विद्यालयों के प्रति अभिभावक और शिक्षा विभाग दोनों लापरवाह बनें हैं।
बता दें कि बिलरियागंज ब्लॉक में बिना मान्यता के विद्यालय धड़ल्ले से चल रहे हैं। जो विद्यालय मान्यता प्राप्त हैं उन विद्यालयों में कक्षा दस और बारह पास करने वाले या पढ़ रहे छात्र शिक्षक बन पढ़ा रहे हैं। ऐसे शिक्षक क्या पढ़ाएंगे, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। ऐसे शिक्षकों के भरोसे बच्चों का जीवन अंधकार मय हो रहा। यह विद्यालय अभिभावकों से अच्छी खासी फीस ली जाती है। विद्यालय में बिना डिग्री के अध्यापक पढ़ा रहे हैं। यह पूरा मामला जांच का विषय है। जिनको मानकों के आधार पर मान्यता मिली है वह खोखला है।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी बिलरियागंज जगदीश यादव ने बताया कि अगर बिना मान्यता प्राप्त विद्यालय मिलते हैं तो उनके ऊपर विभागीय कार्यवाही कर कानूनी प्रक्रिया की जाएगी। ऐसे विद्यालयों को बंद कराया जाएगा। अगर मान्यता प्राप्त विद्यालय मानक के अनुसार मौके पर नहीं मिल रहा है उस विद्यालय की मान्यता निरस्त करने की रिपोर्ट उच्च अधिकारी को भेज दी जाएगी। उनके खिलाफ कानूनी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि मान्यता प्राप्त विद्यालयों में गुणवत्ता के साथ अध्यापक b.Ed, बीटीसी, टेट पास टीचर होना चाहिए। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि बच्चों के जीवन से खेलने वालों को बक्सा नहीं जाएगा।
