दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
सरकार द्वारा भले ही पशुओं के इलाज के लिए चाकचौबंद व्यवस्था करने का दावा किया जाता है, लेकिन लालगंज बाजार में स्थित सरकारी पशु अस्पताल की दशा देखकर सरकारी दावे का अंदाजा लगाया जा सकता है, जहां एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा बीमार खरगोश को ताबड़तोड़ तीन इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी मौत हो गयी। पालतू खरगोश की मौत से दुखी महिला ने कार्रवाई के लिए देवगांव कोतवाली पुलिस से गुहार लगाई है।
पीड़ित महिला ज्योति भारती हैं। वह देवगांव कोतवाली क्षेत्र के दौना जेहतमंद गांव की रहने वाली हैं। ज्योति भारती ने बताया कि उन्हें पशुओं और जानवरों से बेहद प्यार है। इसलिए वह घर में दो खरगोश पाल रखी हैं। ज्योति ने बताया कि सोमवार को घर में खरगोश टहल रहे थे। इस दौरान घर में रखा गया चूहे मारने की दवा को एक खरगोश ने चाट लिया। खरगोश के शरीर मे जहर न फैले इसके लिए ज्योति उक्त खरगोश का इलाज कराने के लिए लालगंज बाजार में स्थित सरकारी पशु अस्पताल पहुंची। जहां मौजूद कर्मचारी द्वारा ताबड़तोड़ तीन इंजेक्शन खरगोश को लगाया गया। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद खरगोश की मौत हो गयी। खरगोश की मौत के बाद ज्योति जब शिकायत करने अस्पताल पहुंची तो पता चला कि जिसने इंजेक्शन लगाया है, वह डाक्टर नहीं बल्कि चपरासी है। इसके बाद नाराज ज्योति देवगांव कोतवाली के लालगंज पुलिस चौकी पहुंचकर कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र सौंपी। पुलिस अपने स्तर से जांच पड़ताल में जुटी हुई है। उधर ज्योति भारती ने कहा कि दोषी के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह उच्चाधिकारियों से गुहार लगाएंगी।

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