दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की घटक इकाई हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय, आजमगढ़ में आयोजित एक माह की ग्रीष्मकालीन अभिरूचि कार्यशाला का समापन मंगलवार को भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह का उद्घाटन भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह, जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार तथा महाविद्यालय की नोडल अधिकारी डाॅ. पूनम श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में महाविद्यालय की नोडल अधिकारी डाॅ. पूनम श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। इसके उपरांत कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने शास्त्रीय एवं लोक संस्कृति से जुड़े विविध रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
एक माह तक संचालित इस ग्रीष्मकालीन अभिरूचि कार्यशाला में लगभग 250 विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए संगीत एवं नृत्य की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला के अंतर्गत प्रतिभागियों को शास्त्रीय गायन, सुगम संगीत, लोकगीत, हारमोनियम, तबला, ढोलक, कथक नृत्य एवं लोकनृत्य का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया गया।
लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगीत एवं कला व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय द्वारा जनपद में संगीत एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास एवं समर्पण के साथ अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
समारोह की अध्यक्षता कर रही भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने अपने उद्बोधन में कार्यशाला के सफल आयोजन पर महाविद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संगीत भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं में कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक क्षमताओं को भी निखारते हैं। उन्होंने कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की प्रतिभा और समर्पण की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने सामूहिक छायाचित्र के साथ इस सफल आयोजन की स्मृतियों को संजोया।
समापन समारोह में महाविद्यालय के शिक्षकगण, प्रशिक्षक, अभिभावक, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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