
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
अपर पुलिस महानिदेषक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा ने कहा कि पुलिस विजन 2030 पर विस्तार से काम कर रही है। इसके लिए उन तमाम प्रमुख विंदुओं पर गौर किया जा रहा, जिसमें सुधार की आवश्यकता है। ताकी छोटी बड़ी इन खामियों को सुधारकर कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाया जा सके। नवीन अरोड़ा सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि आजमगढ़ जिले के दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के पहले दिन वे पुलिस लाइन और दफ्तरों का विधिवत निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेखों के रखरखाव, चरित्र सत्यापन सहित अन्य प्रमुख विंदुओं को गहनता से देखा और खामियां उजागर होने पर सुधार का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कई तरह के प्रमाण पत्र अभी तक आनलाइन नहीं हुए थे, उन्हें तत्काल आनलाइन कराने को कहा गया है। इसके अलावा पुलिस द्वारा की जाने वाली प्रभावी कार्रवाई जैसे गुंडा एक्ट, जिला बदर आदि का भी रिकार्ड देखा। इस दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि पुलिस के इस कार्रवाई का आमजन में क्या असर है। इस कार्रवाई से अपराध पर कितना नियंत्रण आया, कहीं पुलिस की कार्रवाई बदले की भावना से तो नहीं की गई है। पुलिस के इस कार्रवाई का समाज को क्या फायदा हुआ है। इन सभी विंदुओं पर विषेशज्ञों द्वारा ध्यान दिया गया। एडीजी के साथ वाराणसी जोन के तमाम जिलों में तैनात नए आईपीएस आधिकारी भी मौजूद रहे और उन्हें निरीक्षण के बारिकियों की जानकारी हुई। साथ ही इन अधिकारियों ने सुधार पर अपनी राय भी दिए। निरीक्षण के बाद एडीजी जिले के जनप्रतिनिधियों से मिलकर संवाद किए। एडीजी ने बताया कि आजमगढ़ में इस बात को लेकर प्रसन्नता है कि यहां पर नेताओं और आमजन द्वारा जितनी शिकायतें की गई हैं, उनमें से ज्यादातर मामले नगर पालिका, बिजली विभाग और राजस्व विभाग से जुड़े हुए थे। इन मामलों को अब संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। एडीजी ने कहा कि पुलिस को यह निर्देश दिया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए काम करें। एडीजी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान चार से पांच ऐसे मामले पकड़ में आए, जिसमें निलंबन के दस से पंद्रह दिन के भीतर ही संबंधित पुलिसकर्मी को बहाल कर दिया गया। ऐसे मामलों में ध्यान देने को कहा गया है। एडीजी ने कहा कि वे मंगलवार को जिले के एक थाने का निरीक्षण करेंगे। वहां के ग्राम प्रहरियों सहित अन्य लोगों से बातचीत करके उनकी समस्याओं से अवगत होंगे। इस अवसर पर डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह, एसपी डा. अनिल कुमार, एसपी सिटी मानुष पारीक, एसपी ट्रैफिक पंकज श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
