
सुरेंद्र राय
पटवध।
बिलरियागंज ब्लाक क्षेत्र के तमाम गांव में अर्नब तूफान का तांडव इतना तेज था कि इन किसानों की फसल बर्बाद करके कमर ही तोड़ दिया है। तूफान से धान की चढ़ी फसल बर्बाद होने से किसान काफी दुखी हैं। उन्हें बैंक लोन से लेकर हर तरह की चिंता सता रही है। पीड़ित किसानों की नजर अब सरकार और जिला प्रशासन की कवायद पर टिंकी हुई है।
बिलरियागंज ब्लाक के तमाम गांव में किसानों की कई बीघा धान की फसल बर्बाद हो गयी है। यह तूफान क्षेत्र के पटवध कौतुक, मांनपुर, चांदपुर, डेउडा होते हुए पांतीखुर्द, हारीपुर, शेखूपुर, विन्दवल जयराजपुर, कोहडी, जगमलपुर होते हुए पूरे क्षेत्र में फसलों को रौंदता हुआ चला गया। अर्नब तूफान का काफी असर किसानों पर पड़ा है। काफी नुकसान हुआ है। संतोष राय, मुनेंद्र राय, कविंद्र राय, इंद्र भूषण चौबे, अशोक राय, बरखू पासी आदि लोगों की फसले नुकसान हो चुकी है। किसान आज रो रहा है। उनके घर में आए अनाज बाहर निकल गया। फसल बीमा योजना का लाभ सरकार कैसे दिलाती है। किसानों की कमर टूट चुकी है। किसानों को मात्र खेती का ही सहारा है। इतना भीषण नुकसान कभी नहीं हुआ था। किसानों का कहना है की सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। किसानों के नुकसान की भरपाई कैसे हो। किसान मात्र खेती पर ही निर्भर हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के सहारे खेती करते हैं और बैंक में उसी पूंजी के सहारे किसान क्रेडिट कार्ड का पैसा जमा करता है। इस तूफान से किसान के पास कुछ बचा ही नहीं, सब कुछ चला गया। किसान बेचारा अब ऊपर की आस लेकर बैठा है। देखिए उनका सहारा कौन होता है। किसान ताक रहा कि अब क्रेडिट कार्ड का बैंक में भी बीमा होता है, लेकिन कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं हुआ बैंक का। जबकि केसीसी लेते समय बैंक में बीमा कटता है।
