
दैनिक भारत न्यूज
संभल।
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने एक बार फिर वंदेमातरम् का विरोध किया है। बिल पास हो जाने के बाबजूद सांसद ने वंदेमातरम् को इस्लाम के एक अल्लाह की इबादत के सिद्धांत के खिलाफ बताया है। सांसद ने कहा कि राष्ट्रगीत में कुछ शब्द गलत हैं। कानून ला कर सरकार लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है।
बता दें कि लोकसभा में सांसद द्वारा वंदेमातरम् के विरोध के सवाल पर सांसद ने कहा कि इस्लाम में एक अल्लाह की इबादत होती है। इसलिए वे किसी दूसरे की इबादत नहीं कर सकते। किसी दूसरे की इबादत करेंगे तो उनके मजहब पर सवाल लग जाएगा।
वंदेमातरम् का नाम लिए बगैर सांसद ने राष्ट्रगीत में कुछ गलत शब्द होने का आरोप लगाया है। आर्टिकिल 25 के तहत मजहबी आजादी का दाबा करते हुए सांसद ने वंदेमातरम् गाने से साफ मना कर दिया। वंदेमातरम् पर उन्होंने सरकार पर कानून लाकर लोगों को बांटने की साजिश का सरकार पर आरोप लगाया है। सबसे बड़ी बात ये रही कि सवाल जबाब के दौरान सांसद ने एक भी बार अपने मुंह से वंदेमातरम् का नाम नहीं लिया। जिससे उनके वंदेमातरम् के विरोध को समझा जा सकता है।
