
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. अनिल कुमार ने थाना रानी की सराय पर नियुक्त प्रभारी निरीक्षक विमल प्रकाश राय, उप निरीक्षक गिरीश तिवारी एवं उप निरीक्षक हैदर अली मंसूरी तथा थाना निजामाबाद पर नियुक्त आरक्षी वैभव पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
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प्रकरण का विवरणः
थाना निजामाबाद पर पंजीकृत मु0अ0सं0 06/2026, धारा 123, 351(2) बीएनएस से संबंधित प्रकरण में प्राप्त शिकायत के निस्तारण एवं अभियुक्त के संबंध में अपेक्षित पुलिस कार्रवाई/सत्यापन में पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरते जाने का मामला संज्ञान में आया।
प्रकरण में अभियुक्त के जमानत पर रिहा होने के उपरान्त उसके संबंध में आवश्यक सत्यापन एवं सूचना *यक्ष ऐप* पर अपलोड किया जाना अपेक्षित था, परन्तु संबंधित स्तर से उक्त कार्यवाही नहीं की गई। इस संबंध में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों द्वारा अपने पदीय दायित्वों का अपेक्षित गंभीरता एवं तत्परता से निर्वहन नहीं किया गया। जमानत पर बाहर आने के पश्चात उक्त अभियुक्त द्वारा शिकायतकर्ता को धमकी दिए जाने तथा फर्जी आईडी बनाकर फोटो/वीडियो वायरल किए जाने आदि के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई। प्रकरण की समीक्षा के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्त के संबंध में अपेक्षित सूचना एवं सत्यापन की कार्रवाई समय से न किए जाने तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों/कर्मचारी द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरते जाने के कारण स्थिति गंभीर हुई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारी की भूमिका की समीक्षा की गई। प्रथम दृष्टया पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता एवं अकर्मण्यता पाए जाने पर निरीक्षक विमल प्रकाश राय, उप निरीक्षक गिरीश तिवारी, उप निरीक्षक हैदर अली मंसूरी एवं आरक्षी वैभव पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा इनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
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मातहतों को स्पष्ट चेतावनीः
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार द्वारा जनपद के समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन एवं उत्तरदायित्व के साथ करें। विशेष रूप से अभियुक्तों के सत्यापन, जमानत के उपरान्त निगरानी एवं संबंधित अभिलेख/ऐप पर आवश्यक सूचना समयबद्ध रूप से दर्ज करने में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में अनुशासन एवं उत्तरदायित्व के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता अथवा अकर्मण्यता पाए जाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
