
नरेंद्र बहादुर राय
आजमगढ़।
जनपद मऊ के थाना सराय लखंसी अंतर्गत गांव पालिगढ़ का निवासी धर्मराज भारती का कहना है कि आजमगढ़ के मोहल्ला दलसिंगार के रहने वाले विपिन कुमार यादव को उसने नौकरी के लिए वर्ष 2026 में विभिन्न तिथियों में कुल 2 लाख 39 हजार रु मोबाइल से उसके खाते में ट्रांसफर किया था। बाद में विपिन कुमार यादव ने उसको लखनऊ में स्थित एक निजी कंपनी का नियुक्ति पत्र थमा दिया। कहा कि तुम उक्त कंपनी में जाकर ज्वाइन कर लो। वह जब बताई गई कंपनी में पहुंचा तो पता लगा कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। वापस आकर जब उसने विपिन से सारी बात बताते हुए उसे दिये गए पैसे की मांग करने लगा, तो वह आग बबूला हो गया तथा डांट कर भगा दिया। पैसा वापस करने से इंकार कर दिया। इस पर उसने शहर कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया। पर संतोषजनक कार्रवाई न होने से उसने 14 मई 2026 को एसएसपी आजमगढ़ को शिकायती पत्र दिया। इसके चलते कोतवाली पुलिस कुछ सक्रीय हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया कि विपिन हर महीने 15 तारीख को उसे 25 हजार रुपया देता रहेगा। एक बार 19 मई 2026 को उसे 25000 रुपया मिला। लेकिन बाद में उसने पैसा देना बंद कर दिया। इस पर मजबूर होकर उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली आजमगढ़ में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
