दैनिक भारत न्यूज

मेहनगर (आजमगढ़) : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मौजूदा प्रधानों का कार्याकाल समाप्त होने व प्रदेश सरकार द्वारा समय से चुनाव न होने की दशा में प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किये जाने को लेकर ब्लाक सभागार में प्रधानों की बैठक हुई।
बैठक के मुख्य अतिथि प्रधान संघ के जिलामंत्री व दौलतपुर के ग्राम प्रधान जितेंद्र यादव ने कहा कि ग्राम प्रधानों का पांच साल का कार्यकाल 26 मई 2026 को खत्म हो रहा है। लेकिन अभी तक चुनाव की कोई सुगबुगाहट नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों में समय पर चुनाव को लेकर घोर संशय है। ऐसे में 26 मई के बाद गांवों में कौन काम देखेगा, यह बड़ा सवाल है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो गांवों के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो जाएंगे। हैंडपंप खराब ,नाली टूटेगी तो ठीक कौन कराएगा? जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर किसके होंगे ,
बैठक में मौजूद प्रधानों का कहना था कि ग्राम पंचायत ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ है। प्रधान न होने से मनरेगा, आवास, पेंशन, राशन कार्ड सत्यापन समेत दर्जनों योजनाएं अधर में लटक जाएंगी। गरीब का काम रुक जाएगा और जनता सीधे प्रधान को कोसेगी।
अंत मे श्री यादव ने मांग की कि सरकार अन्य राज्यों की भांति प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में चुनाव टलने पर प्रधानों को ही प्रशासक बनाया गया है। यूपी में भी यही फार्मूला लागू हो, ताकि गांवों का विकास निर्बाध चलता रहे।
वयोवृद्ध प्रधान जयराम यादव ने कहा कि पांच साल जनता के बीच रहकर काम करता है। हर गली, हर समस्या से वाकिफ होता है। चुनाव तक अगर वर्तमान प्रधानों को प्रशासक बना दिया जाए तो न नई व्यवस्था बनानी पड़ेगी और न ही काम रुकेंगे। जनता को भी राहत मिलेगी।
बैठक में प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि 26 मई के बाद गांवों को अनाथ न छोड़ा जाए। सरकार जल्द निर्णय ले, वरना मजबूरन आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी। बैठक के अंत मे खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम सम्बोधित ज्ञापन सौंपा ,इस दौरान प्रधान अभिनाश सिंह ,सीवी , सिंह ,पप्पू यादव, रामाश्रय यादव , रामनरायन सरोज , रामसरन वर्मा ,रमेश चौरसिया प्रधान मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *