दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
गोरखपुर से शुरू हुई जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की संकल्प यात्रा रविवार को आजमगढ़ शहर के कालीचौरा के काली माता मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ उनका पूजन-अर्चन कर स्वागत किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए शंकराचार्य ने गौ संरक्षण, सरकारों की नीतियों और हिंदू समाज से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि इस समय वे उत्तर प्रदेश में “गविष्ट यात्रा” पर हैं और उनका मुख्य संकल्प गौ माता की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते गायों को नहीं बचाया गया तो आने वाले दिनों में लोग भगवान श्रीकृष्ण की तरह गायों की भी फोटो लगाकर कैसे पूजा करेंगे। उन्होंने बताया कि यह यात्रा प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं तक पहुंचेगी और अब तक लगभग 70 विधानसभाओं का दौरा किया जा चुका है। गोकशी के मुद्दे पर बोलते हुए शंकराचार्य ने कहा कि कभी आजमगढ़ गोकशी के मामलों में चर्चित रहा होगा, लेकिन अब पूरे देश में तेजी से गायों की कटाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून केवल कागजों तक सीमित है और जमीन पर कहीं भी प्रभावी रोक दिखाई नहीं देती। उन्होंने प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार दावा करती है कि उत्तर प्रदेश में गाय को खरोंच तक नहीं लग सकती, जबकि दूसरी तरफ जगह-जगह गायों के अवशेष मिलने की खबरें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए शंकराचार्य ने कहा कि चाहे सपा हो या भाजपा, सभी से सवाल पूछना जरूरी है। भारतीय संस्कृति संवाद और चुनौती दोनों की बात करती है, इसलिए सभी दलों को गाय के प्रति अपना स्पष्ट रुख बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जनता गाय को “मां” मानती है, तो उसी जनता के वोट से सत्ता में बैठी सरकारें गाय को केवल “पशु” क्यों मान रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकारें जनता के विश्वास के विपरीत काम कर रही हैं और हिंदुओं के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं के वोट लेकर उन्हीं की भावनाओं के खिलाफ नीतियां बनाई जा रही हैं। भाजपा की लोकप्रियता को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वे चुनावी जीत की नजर से नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा के नजरिए से चीजों को देखते हैं और उनके अनुसार गौ संरक्षण के मुद्दे पर भाजपा की प्रतिष्ठा लगातार घट रही है। गौ हत्या के जिम्मेदारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो लोग गाय काट रहे हैं, वे खुद कहते हैं कि उन्हें लाइसेंस मिला हुआ है और कई प्रकार की सरकारी सुविधाएं एवं प्रोत्साहन भी मिलते हैं। उन्होंने इशारों में सरकारों को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उससे भी बड़ा मुद्दा यह है कि जिस देश में बहुसंख्यक लोग गाय को माता मानते हैं, उसी देश में गाय के मांस को पैकेट में भरकर बेचा जा रहा है। उन्होंने इसे देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य बताया। गौ सुरक्षा कानून को लेकर उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं है, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन होना सबसे ज्यादा जरूरी है।

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