
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने आरोपी पति को आजीवन कारावास तथा पचास हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की पूरी धनराशि मृतका के बच्चों की परवरिश के लिए दी जाएगी। वहीं पर्याप्त सबूत के अभाव में आरोपी ससुर को दोष मुक्त कर दिया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर 1 अजय कुमार शाही ने गुरुवार को सुनाया। अभियोजन कहानी के अनुसार वादी मुकदमा विंध्याचल सिंह निवासी हंसराजपुर थाना शादियाबाद जनपद गाजीपुर की पुत्री अर्चना की शादी अवनीश सिंह निवासी इस्माइलपुर थाना मेहनाजपुर के साथ 2004 में हुई थी। शादी के बाद अर्चना वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं रहा। उसके ससुराल वाले आए दिन उसका उत्पीड़न करते थे, जिसकी जानकारी अर्चना ने अपने मायके वालों को दी थी। लेकिन मायके वाले समझा बुझाकर ससुराल भेज देते थे। विंध्याचल सिंह को 08 मार्च 2013 को सूचना मिली की ससुराल में अर्चना की हत्या कर दी गई है। इस मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद पति अवनीश सिंह तथा ससुर सुभाष सिंह के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह ने कुल सात गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत में आरोपी पति अवनीश सिंह को सश्रम आजीवन कारावास तथा पचास हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में ससुर सुभाष सिंह को दोष मुक्त कर दिया।
