
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
अनुसूचित जाति के व्यक्ति के घर में घुसकर मारपीट करने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को मारपीट करने का दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास तथा प्रत्येक को पच्चीस हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी राशि पीड़ित पक्ष को दी जाएगी।यह फैसला एससी-एसटी कोर्ट के जज विजय कुमार वर्मा ने मंगलवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा राजेन्द्र राम निवासी देवकली थाना तहबरपुर की गांव के कोमल यादव से मुकदमेबाजी की रंजिश थी। इसी रंजिश के कारण 06 मार्च 2001 की रात ग्यारह बजे कोमल यादव तथा शिव कुमार, परसराम पुत्रगण कोमल यादव, राजेंद्र यादव तथा अरविन्द राय निवासी नेवादा थाना तहबरपुर राजेन्द्र राम के घर में घुसकर वादी के पिता, बहन को बुरी तरह से मारपीटा। इस मामले में जांच पूरी करने के बाद पुलिस में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान मुकदमा आरोपी कोमल की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक आलोक त्रिपाठी ने कुल नौ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी शिव कुमार यादव, परसराम यादव, राजेन्द्र यादव तथा अरविन्द राय को तीन तीन वर्ष के कारावास तथा प्रत्येक को पच्चीस हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वहीं इस मुकदमे के क्रॉस केस मारपीट के मुकदमे में अदालत ने तीन आरोपियों को तीन तीन वर्ष के साधारण कारावास तथा प्रत्येक को तेरह हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।इस मामले में वादी शिव कुमार यादव ने गांव के राजेंद्र , राजकुमार, सुबेदार तथा राम प्रसाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार 06 मार्च 2021 को चारों हमलावरों ने मुकदमेबाजी की रंजिश को लेकर वादी मुकदमा को मारा पीटा और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस से जांच पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में भेज दिया। दौरान मुकदमा आरोपी सूबेदार की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की तरफ विशेष लोक अभियोजक आलोक त्रिपाठी ने कुल चार गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी राजेन्द्र राम, राजकुमार तथा राम प्रसाद को तीन तीन वर्ष के साधारण कारावास तथा प्रत्येक को तेरह हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
