
दैनिक भारत न्यूज
मेहनगर (आजमगढ़)। मेहनगर तहसील क्षेत्र के करौती गांव में तैनात हल्का लेखपाल गौरव कुमार सिंह के कार्य व्यवहार को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल की कार्यप्रणाली से छात्र और किसान सभी परेशान हैं। जरूरी प्रमाणपत्रों के लिए रिपोर्ट लगवाने के चक्कर में उन्हें तहसील से लेकर लेखपाल के आवास तक दौड़ लगानी पड़ती है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, लेखपाल करीब दस वर्षों से क्षेत्र में तैनात हैं। आरोप है कि वह कई बार ग्रामीणों को तहसील में काम कराने के बजाय मेहनगर स्थित अपने आवास पर बुलाते हैं। इससे आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आवेदन करने वाले छात्र-किसान आदि को परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कुछ मामलों में रिपोर्ट मनमाने ढंग से लगा दी जाती है, जिससे पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं और आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिलने में दिक्कत होती है। ग्रामीणों में डा. आर. के. सिंह का कहना है कि लेखपाल की कार्य प्रणाली से लोग परेशान हैं, करौती गांव निवासी रामवृक्ष राम ने बताया कि लेखपाल के कार्य से लोगों को आए दिन तहसील का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। पूनम, अलीहसन, रोजा आदि ने संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर लेखपाल की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्र-किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और उन्हें समय से सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
इस संबंध में तहसीलदार मेहनगर शिवेंद्र पटेल ने कहा कि लेखपाल के कार्यशैली की गोपनीय जांच कराई जाएगी। लापरवाही उजागर होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
