दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
दीपावली के शुभ अवसर पर जनपद की बालिकाओं को विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने तथा उनके शैक्षिक और वैज्ञानिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा दीपावली का उपहार दिया गया। जिलाधिकारी ने जनपद के 10 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब (खगोल विज्ञान प्रयोगशाला) के निर्माण एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कुल 1 करोड़ 80 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
यह स्वीकृति क्रिटिकल गैप्स विकास योजनान्तर्गत पूंजीगत विकास कार्यों के लिए प्रदान की गई है। जिलाधिकारी द्वारा अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, आजमगढ़ को उक्त कार्यों की कुल आकलित लागत के सापेक्ष एकमुश्त धनराशि स्वीकृत करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनपद के जिन 10 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब का निर्माण कराया जाएगा, उनमें अतरौलिया, महराजगंज, मेंहनगर, कोयलसा, रानी की सराय, पवई, ठेकमा, अजमतगढ़, जहानागंज एवं मार्टिनगंज स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शामिल हैं।
एस्ट्रोनॉमी लैब की स्थापना से इन विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को खगोल विज्ञान एवं अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रयोगात्मक गतिविधियों और वैज्ञानिक उपकरणों के माध्यम से छात्राएं ग्रहों, तारों, सौरमंडल, आकाशीय पिंडों एवं अंतरिक्ष से जुड़ी विभिन्न वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझ सकेंगी। इससे उनमें जिज्ञासा, तार्किक क्षमता, वैज्ञानिक सोच तथा नवाचार की प्रवृत्ति विकसित करने में मदद मिलेगी।
यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित वर्ग की बालिकाओं को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। एस्ट्रोनॉमी लैब के माध्यम से छात्राओं को पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक एवं अनुभवात्मक शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे भविष्य में विज्ञान, अनुसंधान एवं तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।
जिलाधिकारी की इस पहल से जनपद के 10 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को दीपावली के अवसर पर विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होगा। यह पहल बालिका शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं नवाचारपरक बनाने के साथ ही छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

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