
नरेंद्र बहादुर राय
बिलरियागंज।
स्वास्थ्य विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे निजी अस्पतालों के संचालकों की मनमानी पर रोक नहीं लग पा रही है।क्षये जनता के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। इन अस्पतालों में न तो मानक के हिसाब से चिकित्सक हैं और न तो इमरजेंसी के दौरान प्रयुक्त होने वाले उपकरण की व्यवस्था है। सीएमओ आजमगढ़ एनआर वर्मा की टीम ने बुधवार को स्थानीय क्षेत्र में संचालित हो रहे निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। तीन अस्पताल अवैध रूप से संचालित होते पाए गए। इस पर उनकी ओपीडी को सील कर दिया गया। बिलरियागंज में सीएमओ की जांच में सपना पॉलीक्लिनिक व देवांश हॉस्पिटल अवैध रूप से संचालित होते पाए गए।दोनों अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे थे। इस पर उनकी ओपीडी को सील कर दिया गया। उधर परशुरामपुर में भी श्याम नर्सिंग होम बिना रजिस्टेशन के ही संचालित हो रहा था। इस अस्पताल की भी ओपीडी सील कर दी गई। जांच के दौरान अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा रहा। टीम में सीएमओ के साथ डिप्टी सीएमओ डा. मोहन लाल, पटल सहायक धीरेंद्र शुक्ल शामिल रहे।
