दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
फर्जी दस्तावेज बना कर वाहन ट्रांसफर किये जाने के मामले में बिना सबूत गिरफ्तार किए गए आरोपी को अदालत ने सशर्त रिहा कर दिया। हालांकि अदालत ने विवेचक को यह राहत दी कि भविष्य में सबूतों के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा सकता है।
देवगांव थाने में दर्ज मुकदमे में वादी मुकदमा सुमन ने आरोप लगाया था कि अगस्त 2020 में उसके पति ने अपना वाहन पवन को व्यवसाय के लिए दिया। पवन ने उक्त वाहन को इम्तियाज अहमद को दे दिया। इम्तियाज अहमद ने वाहन को सूफियान को दिया और सूफियान ने उक्त वाहन को किसी अभिषेक जायसवाल को 2022 में ट्रांसफर कर दिया। इस मामले में फ़र्जी दस्तावेज बनाकर वाहन को ट्रांसफर करने के आरोप में इम्तियाज अहमद निवासी बसही इकबालपुर थाना देवगांव को गुरुवार की शाम अदालत में पेश किया गया। एसीजेएम कोर्ट नंबर दस नीतिका राजन ने गिरफ्तारी के सभी कागजातों का अवलोकन किया। अदालत ने पाया कि मामला दस्तावेजी साक्ष्य का है लेकिन विवेचक ने गिरफ्तारी के समय कोई भी दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है और ना ही कोई ठोस सबूत पेश किया है। इसलिए आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने का कोई आधार नहीं है।अदालत ने जांच में सहयोग करने की शर्त पर आरोपी इम्तियाज अहमद को बीस हजार रूपये के निजी मुचलके पर तत्काल रिहा किए जाने का आदेश दिया।

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