आशीष तिवारी

आजमगढ़।
अहरौला थाना क्षेत्र के शम्भूपुर गांव में मंगलवार को पत्नी समेत तीन लोगों की गोली मारकर हत्या के बाद आरोपी अरविंद सिंह अपने तीन बच्चों को लेकर कमरे में खुद को बंद कर लिया। वह डीआईजी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगा। समझाने के बावजूद आत्मसमर्पण करने को तैयार नहीं हुआ। इस दौरान कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आने के बाद बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग करने लगा, आत्मरक्षार्थ और बच्चों की सुरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी अरविंद घायल हो गया।
घायल आरोपी अरविंद कुमार को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, आरोपी की गोली से घायल उसके नौ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर आरोपी की 10 वर्षीय पुत्री परी और छह माह की बेटी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस के मुताबिक, घटना 22 सितंबर को शम्भूपुर गांव में हुई। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि अरविंद कुमार पुत्र त्रिपुरारी सिंह ने अपनी पत्नी बबिता सिंह तथा धार्मिक अनुष्ठान में शामिल अखिलेश मिश्रा और महेन्द्र पाठक को गोली मारकर हत्या कर दिया। इसके बाद अपने एक बेटा और दो बेटियों को कमरे में बंद कर लिया। साथ ही अपनी पिस्टल और रायफल ले लिया। पुलिस जब दरवाजा खोलने को कही तो अरविंद ने कहा कि डीआईजी को बुलाओ तब दरवाजा खुलेगा।
अरविंद के कहने पर रात को डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र और एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोरा मौके पर पहुंचे। पुलिस को कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आने पर कमरे का दरवाजा तोड़ दिया गया। जैसे ही दरवाजा टूटा कि अरविंद गोली चलाने लगा। पुलिस के जवाबी कार्रवाई में अरविंद को गोली लग गयी। जबकि उसका बेटा पहले से घायल पड़ा हुआ था।

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