
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
हत्या के मुकदमे में अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने तीन आरोपियों को दस – दस हजार रूपये तथा एक आरोपी पर बीस हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला एससी एसटी कोर्ट के जज विजय कुमार वर्मा ने शुक्रवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला तहबरपुर थाना क्षेत्र का है। वादी मुकदमा फिरतू पासी निवासी मधेशिया ने एक जनवरी 2016 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फिरतू ने आरोप लगाया था कि गांव के मोदी कन्नौजिया, पिंटू, बलिराम और मनीष राय ने उसके पुत्र हरेन्द्र की हत्या कर दी। उन्होंने हरेन्द्र का गला रेता और फिर शव को नहर में फेंक दिया था। इस गंभीर आरोप के बाद थाना तहबरपुर पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की सबसे विशेष लोक अभियोजक आलोक त्रिपाठी ने कुल 11 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए गए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मोदी कन्नौजिया, पिंटू और बलिराम को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि आरोपी मनीष राय को दलित की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा 20 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई।
