
आशीष तिवारी
आज़मगढ़।
जिले में अब रईसजादों की हुड़दंगई और भौकाल खुनी गैंगवार का रूप ले लिया है। जहाँ नेशनल हाईवे पर देर रात कार रेसिंग और स्टंटबाजी के दौरान दो गुटों में हुई खूनी गैंगवार ने पूरे इलाके को दहला दिया। रफ्तार का नशा, सोशल मीडिया पर फेम की भूख और इलाके की दबंगई – इन तीनों ने मिलकर हाईवे को जंग का मैदान बना दिया। गैंगवार की इस घटना में जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के धनचुला गांव निवासी अमरेश सिंह गोली लगने से घायल हो गया। जो शहर के एकनिजी अस्पताल में ज़िन्दगी और मौत से जूझ रहा है। फ़िलहाल पुलिस वायरल वीडियो को आधार बनाकर जाँच शुरू कर दी है और दावा किया है कि ऐसे लोगों को बक्सा नहीं जायेगा।
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के जरिए वीडियो वायरल हो रहा, जिसमें सड़कों पर फर्राटा भर रहे लग्जरी वाहनों का काफिला किसी फिल्म के बने रील का नहीं बल्कि रियल लाइफ का है। न थ्रिलर मूवी का सीन है, न वेब सीरीज की शूटिंग। ये है आजमगढ़ के नेशनल हाईवे की वो काली रात, जब रफ्तार, रुतबा और रील का नशा गोलियों की तड़तड़ाहट में बदल गया। दरअसल मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के करहा बाजार में जो हुआ, उसने पुलिस-प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। थार, स्कॉर्पियो, फॉर्च्यूनर जैसी 8-9 लग्जरी गाड़ियों का काफिला 100+ की स्पीड में हाईवे चीर रहा था। गाड़ियों के सनरूफ से लड़के बाहर निकले थे। हाथों में महंगी शराब की बोतलें, कार में तेज DJ और हर खिड़की से मोबाइल बाहर-रील बन रही थी। मकसद एक ही था ‘आजमगढ़ का किंग कौन’। इंस्टाग्राम पेज ‘समर प्रताप सिह, रोहित कश्यप और अमन सिंह ‘NH 233 Kings’ के बीच वर्चस्व की जंग चल रही थी। रेस खत्म होने से पहले ही काफिला जंग के मैदान में बदल गया। रेस के दौरान अमन सिंह गुट की थार ने जानबूझकर अमरेश सिंह गुट की स्कॉर्पियो में टक्कर मार दी। वजह अमन हार रहा था और हार ‘बेइज्जती’ थी। टक्कर के बाद जो हुआ वो किसी गैंगस्टर फिल्म से कम नहीं था। गाड़ियां फिल्मी स्टाइल में ब्रेक मारकर रुकीं। 20-25 लड़के लाठी-डंडे, हॉकी और बेसबॉल बैट लेकर उतरे। गाली-गलौज के बीच अमन ने कमर से तमंचा निकालकर हवाई फायर किया। जवाब में दूसरे गुट ने भी पिस्टल तान दी। अगले 15 मिनट तक हाईवे पर ताबड़तोड़ 7 राउंड फायरिंग हुई। इस दौरान अमरेश सिंह नाम के लड़के के शरीर में कूल 6 गोली लगी। पुलिस पहुंची तो ‘रियल लाइफ के बाहुबली’ गाड़ियां और हथियार फेंककर भाग गए। पुलिस जांच में पता चला कि 5 गाड़ियां किराए की थीं। 2 गाड़ियों पर फर्जी विधायक और प्रेस का स्टिकर लगा था। खास बात यह है कि दोनों गुटों पर गैंगस्टर जैसे आपराधिक मामले पहले से दर्ज़ है। इंस्टा बायो में लिखा है – “हाईवे हमारा, नियम हमारे”। लेकिन अभी भी सवाल यही है कि स्टंटबाज लड़के हथियार लेकर घूम रहे थे और पुलिस को भनक तक नहीं। जिसके बाद अब स्थानीय लोगों का सवाल है – हर वीकेंड हाईवे पर ये हुड़दंग होता है। रात 12 के बाद NH-233 पर पुलिस का एक सिपाही तक नहीं दिखता। अगर ये गैंगवार दिन में होती तो कितनी जानें जातीं? वहीं इस मामले में यातायात के नोडल अधिकारी/सीओ सिटी सुभम तोदी ने दावा किया है कि वीडियो को आधार बनाकर सभी की पहचान की जा रही है। इस तरह की कृत्य और हुड़दंगई करने वालो के खिलाफ कठोर क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी ,साथ ही इनके वाहनों को भी जप्त किया जायेगा।
