
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
रौनापार थाने की पुलिस द्वारा नकली नोट छापकर मार्केट में संचालित करने वाले गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार की है। इनके कब्जे से नकली नोट, नोट छापने के उपकरण आदि बरामद हुए।
घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि शुक्रवार को थानाध्यक्ष रौनापार मन्तोष सिंह होली त्यौहार के दृष्टिगत क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर बेलकुण्डा बाजार में संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना प्राप्त हुई कि टेकनपुर पुलिया के पास कुछ व्यक्ति एक सफेद गाड़ी में जाली करेंसी नोट का लेन-देन कर रहे हैं।
इस सूचना पर चौकी प्रभारी महुला उ0नि0 विवेक सिंह मय हमराह, उ0नि0 अनुराग पाण्डेय मय हमराह तथा सेकेण्ड मोबाइल में लगे व0उ0नि0 रामअनुज शुक्ला मय हमराहीयान को जोकहरा मंदिर के पास बुलाया गया। तत्पश्चात पुलिस बल की तीन टीम बनाकर टेकनपुर पुलिया से नितिन सिंह उर्फ भोला पुत्र स्व0 अलगू सिंह निवासी ग्राम बरडीहा थाना रौनापार, ऋषिकेश सिंह उर्फ शनि पुत्र रवीन्द्र सिंह निवासी ग्राम बरडीहा थाना रौनापार, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा पुत्र सुशील सिंह निवासी ग्राम बरडीहा थाना रौनापार, आदित्य सिंह उर्फ चन्की पुत्र रवीन्द्र सिंह निवासी ग्राम बरडीहा थाना रौनापार, शिवम सिंह उर्फ विदुर पुत्र कमलेश सिंह निवासी ग्राम बरडीहा थाना रौनापार, मुन्ना पांडेय पुत्र स्व0 कृष्ण मुरारी पांडेय निवासी कस्बा बड़हलगंज (न्यू टीचर कालोनी चिल्लूपार) थाना बड़हलगंज जनपद
गोरखपुर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस इनकी निशानदेही के आधार पर ग्राम जगदीशपुर थाना जीयनपुर से मनोज कुमार पुत्र रामशकल निवासी ग्राम गांगेपुर (गांधीनगर) थाना रौनापार और रुद्र पांडेय पुत्र राकेश पांडेय निवासी ग्राम जगदीशपुर थाना जीयनपुर को जाली नोट बनाने में प्रयुक्त उपकरणों सहित गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 1.19 लाख की जाली करेंसी और नकली नोट छापने के उपकरण बरामद हुए।
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इस तरह से करते थे अपराध
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तगण ने पूछताछ में बताया कि इस गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा पुत्र विभूति मिश्रा है। उसके निर्देशन में सभी लोग मिलकर लैपटॉप व प्रिन्टर की सहायता से A-4 साइज के पेपर पर जाली करेंसी नोट प्रिन्ट करते थे। इसके बाद प्रिन्ट किये गये जाली नोटों को पेपर कटर से काटकर असली नोटों के आकार में तैयार किया जाता था।
अभियुक्तगण जाली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच में रखकर बाजारों, दुकानों तथा लेन-देन के दौरान लोगों को देकर चलाते थे, जिससे सामान्य व्यक्ति आसानी से पहचान नहीं कर पाता था। इस प्रकार ये लोग जाली करेंसी को बाजार में प्रचलित कर अवैध रूप से आर्थिक लाभ अर्जित करते थे। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में भी जानकारी की जा रही है तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
