दैनिक भारत न्यूज ब्यूरो

नई दिल्ली।
चंडीगढ़ के मेयर अब आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुलदीप कुमार होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मतपत्रों में गड़बड़ी कर गलत नतीजा देने के आरोपों की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। मंगलवार को अदालत ने बड़ा फैसला लेते हुए चुनाव अधिकारी के रवैये को अपराध करार दिया। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अदालत ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह ने अपराध किया था। इसके साथ ही अदालत ने चुनाव अधिकारी अनिल मसीह को अवमानना का नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि चुनाव अधिकारी ने यहां गलत जानकारी दी। इसलिए उन्हें अवमानना का दोषी ठहराया जाता है और उनके खिलाफ केस चलेगा।
इस तरह चंडीगढ़ का मेयर खुद सुप्रीम कोर्ट ने घोषित कर दिया है। अदालत ने कहा कि जिन बैलट पेपरों को अवैध घोषित किया गया था, वे सही हैं। ऐसे में दोबारा चुनाव कराने या फिर वोटों को दोबारा से गिनने की जरूरत ही नहीं है। यदि अवैध घोषित किए गए वोटों को भी जोड़ लिया जाए तो आम आदमी पार्टी को कुल 20 वोट मिले हैं और उसके उम्मीदवार कुलदीप कुमार को ही विजेता घोषित किया जाता है। इस तरह आम आदमी पार्टी को बड़ी जीत मिली है, जो लगातार यह आरोप लगा रही थी कि मेयर चुनाव में गड़बड़ी हुई है और जानबूझकर उसे मिले वोटों को अवैध घोषित कर दिया गया।
कोर्ट ने कहा कि इस मामले में चुनाव अधिकारी साफ तौर पर दोषी हैं। उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी की थी और फिर अदालत में भी गलत जानकारी दी। इसलिए उनके खिलाफ अवमानना का केस चलाया जाए। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही आम आदमी पार्टी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। ‘आप’ नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज से पहले कोई जानता भी नहीं होगा कि चंडीगढ़ का कोई मेयर होता है। इतने छोटे से चुनाव में भी धांधली की गई थी।

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