
अरुण यादव
आजमगढ़।
रबी की बुआई के बीच किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में खाद की उपलब्धता बनाए रखने और किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों की जरूरत के अनुसार खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी स्तर पर किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
रबी सीजन में गेहूं, सरसों समेत अन्य फसलों की बुआई के दौरान खाद की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में किसानों को खाद के लिए समितियों और बिक्री केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए स्टॉक और वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उपलब्ध खाद का निर्धारित व्यवस्था के अनुसार वितरण किया जाए। प्रशासन की ओर से खाद की कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों पर भी नजर रखने की बात कही गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अधिकृत बिक्री केंद्रों और समितियों से ही खाद खरीदें तथा खरीद के समय रसीद अवश्य लें। अधिकारियों के अनुसार जिले में खाद की उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जा रही है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त आपूर्ति की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को बुआई के महत्वपूर्ण समय में खाद के लिए परेशानी न उठानी पड़े और फसलों की बुआई प्रभावित न हो।
इस संबंध में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अजय यादव ने बताया कि दो दिन पूर्व ही समितियों पर करीब दस हजार एमटी यूरिया, 228 एमटी डाई और 2873 एमटी एनपीके भेजवा दी गई है। खाद की कोई कमी नहीं है। कालाबाजारी करने वालों पर भी नजर रखने को कहा गया है।
