
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
यह गर्व की बात है कि आजमगढ़ जिले में तीन संगम तटों पर महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल मौजूद हैं, लेकिन सभी स्थानों पर खामियां थीं। मूलभूत सुविधाओं से लोग वंचित थे, लेकिन जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के प्रयास से जल्द ही सभी धार्मिक स्थलों की स्थिति में काफी सुधार नजर आएगा। एक एक स्थल पर डीएम स्वयं जाकर निरीक्षण किए हैं।
सोमवार की शाम को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार तमसा एवं सिलनी नदी के संगम तट पर स्थित चंद्रमा ऋषि आश्रम पहुंचकर निरीक्षण किए। वहां मौजूद बच्चे और बड़ों से महात्म के विषय में जानकारी लेते हुए पूछताछ किए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने आरओ मशीन के कमरे का ताला खुलवाकर देखा तो पता चला कि आरओ मशीन बन्द एवं ख़राब पड़ी है। जबकि दिव्यांग शौचालय में ताला बंद मिलने पर नाराजगी जताते हुए ताला खोलने और नियमित साफ सफाई कराने का निर्देश दिए। आश्रम में पड़ी खाली जमीन पर आश्रम स्थल बनवाने को कहा।
इससे पूर्व डीएम तमसा एवं मंजुषा नदी के संगम तट पर स्थित प्रसिद्ध दुर्वासा धाम और तमसा एवं कुंवर नदी के संगम तट पर स्थित दत्तात्रेय धाम का निरीक्षण कर वहां की दुर्व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द ठीक करके सूचना देने का निर्देश दिया है।
धार्मिक मान्यता है कि माता सती अनसुईया के तीनों पुत्र महर्षि दुर्वासा, दत्तात्रेय और चंद्रमा ऋषि का आश्रम तमसा और अन्य नदियों के संगम तट पर स्थित है। लेकिन यह तीनों धार्मिक स्थल अब तक उपेक्षित थे। लापरवाही के चलते सुविधाओं का लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा था।
बता दें कि बरेली जिले में विकास कार्यों को लेकर अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले जिलाधिकारी रविंद्र कुमार अब आजमगढ़ को विकास की एक नई राह पर लेकर चलने की फिल्डिंग सजा रहे हैं। जल्द ही इसका परिणाम जनता के समक्ष दिखने लगेगा।
