
दैनिक भारत न्यूज
मेहनगर (आजमगढ़)।
स्थानीय तहसील में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील के लेखपाल की मनमानी से लोग परेशान हैं। आरोप है कि जो सुविधा शुल्क नहीं दे रहा, लेखपाल उसके खिलाफ गलत रिपोर्ट लगाकर परेशान कर रहे हैं।
मेहनगर तहसील क्षेत्र के करौती गांव निवासी पूनम के अनुसार, उन्होंने आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि हल्का लेखपाल ने रिपोर्ट में परिवार रजिस्टर की नकल से संबंधित आपत्ति लगा दी। रिपोर्ट देखने के बाद पूनम ने लेखपाल से इस संबंध में जानकारी मांगी। उनका कहना है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि अन्य लोगों के आय प्रमाण पत्र परिवार रजिस्टर की नकल के बिना भी बने हैं। ऐसे में उन्होंने लेखपाल से पूछा कि उनके मामले में इसकी मांग क्यों की जा रही है।
आरोप है कि इस पर लेखपाल ने कथित तौर पर कहा कि जिन लोगों का प्रमाण पत्र बना है, उनसे पूछ लो कि कैसे बना है। पूनम का आरोप है कि लेखपाल ने सुविधा शुल्क देने की बात कही और इनकार करने पर रिपोर्ट में इस तरह आपत्ति लगाते रहने की बात कही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रवृत्ति के आवेदन की समय सीमा समाप्त होने की चिंता जताने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली।
इस मामले से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रमाण पत्रों के लिए अनावश्यक आपत्तियां लगाए जाने से छात्रों को छात्रवृत्ति और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। इस बाबत हल्का लेखपाल गौरव सिंह से पूछे जाने पर कहा कि मैं अपने मर्जी का मालिक हूं, मैं जो चाहूंगा वही करूंगा। इसलिए मुझे आय प्रमाण पत्र में परिवार रजिस्टर की नकल चाहिए, नहीं तो आपत्ती लगाकर खारिज कर दूंगा। इस बाबत तहसीलदार शिवेंद्र पटेल से पूछे जाने पर बताया कि आय प्रमाण पत्र में परिवार रजिस्टर की नकल जरूरी नहीं है। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारी से जांच कराकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
