
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के चुनाव में हुई कथित अनियमितता को लेकर दाखिल मुकदमे को अदालत ने क्षेत्राधिकार और पोषणीयता न होने के कारण खारिज कर दिया है। यह फैसला फॉस्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिवीजन अतुल पाल ने सुनाया है।
यूनियन बैंक के अधिवक्ता श्याम नारायन राय ने बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन ईस्टर्न यूपी के ट्रेड यूनियन का त्रैवार्षिक चुनाव 18 जनवरी 2026 को भंवरनाथ में हुआ।इस चुनाव में यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रबंधक दीपक चौधरी को अध्यक्ष, यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में वरिष्ठ प्रबंधक कौशलेंद्र कुमार को महासचिव और यूनियन बैंक के सिधारी ब्रांच के प्रबंधक विकास कुमार सिंह को उप महासचिव चुना गया। इस चुनाव में कथित तौर पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए नाराज पराजित प्रत्याशियों ने दीवानी न्यायालय में जीते हुए प्रत्याशी तथा चुनाव कमेटी को पक्षकार बनाते हुए चुनाव को निरस्त करने के लिए मुकदमा दाखिल किया। जीते हुए प्रत्याशी तथा बैंक की तरफ से इस वक्त में पर आपत्ति की गई कि ट्रेड यूनियन के चुनाव में हुई गड़बड़ी की सुनवाई का क्षेत्राधिकार सिविल कोर्ट को नहीं बल्कि ट्रिब्यूनल को है। इसलिए यह मुकदमा पोषणीय नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने पाया कि यह मुकदमा औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के तहत वर्जित है। इस आधार पर मुकदमे को निरस्त कर दिया।
