एड. प्रदीप सिंह

आजमगढ़।
राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को कई टूटते रिश्तों को सहारा मिला। वर्षों से आपसी विवाद के चलते अलग रह रहे 44 दम्पति परामर्शदाताओं के समझाने पर सारे मतभेद भुला कर फिर एक साथ रहने को राजी हो गये। दोनों पक्षों से बातचीत कर रिश्ते की अहमियत समझाई। लंबी बातचीत और काउंसलिंग के बाद साथ रहने के लिए तैयार हो गए। शनिवार को अदालत में जोड़ियों ने एक दूसरे को माला पहना कर तथा एकदूसरे को मीठा खिला कर वहीं से घर को रवाना हुए। इस अवसर पर प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश एहसान उल्ला खान ने कहा कि विवादों का समाधान ही लोक अदालत का वास्तिवक उद्देश्य है। उन्होंने विदा हो रहे जोड़ो को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर फैमिली कोर्ट नंबर एक दिनेश मिश्रा तथा फैमिली कोर्ट नंबर दो बाल कृष्ण एन रंजन ने भी पारिवारिक मूल्यों के बचाने पर जोर दिया। इस लोक अदालत में प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश अहसानुल्लाह खान ने 52 मुकदमा पारिवारिक न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक दिनेश कुमार मिश्रा ने 33 मुकदमा पारिवारिक न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो बालकृष्ण एन रंजन ने22 मुकदमों का निस्तारण किया। सुलह समझौते में काउंसलर कुलदीप सिंह,विभा सिंह, अरिमर्दन सिंह , प्रियंका प्रजापति ,नीतू सरोज, ममता सिंह आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *