
अरूण यादव
आजमगढ़।
आगामी त्यौहारों से पहले बिजली की व्यवस्था चाकचौबंद रहेगी। इसके लिए सरकार और प्रशासन दोनों कमर कस लिए हैं। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक ‘अनुरक्षण माह’ मनाने का निर्णय लिया है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह के मुताबिक अभियान के तहत बिजली आपूर्ति से जुड़ी कमियों और उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य कराया जाएगा।
उन्होने बताया कि अप्रैल से अगस्त के बीच बिजली व्यवस्था में सामने आई समस्याओं और उपभोक्ताओं को हुई परेशानियों के आधार पर 10 सितंबर तक विस्तृत कार्य योजना तैयार कर लिया जाएगी। इसकी सूची तैयार की जा रही। इसके बाद निर्धारित कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अनुरक्षण अभियान के तहत ट्रांसफार्मरों में सिलिका जेल ब्रीदर, रिले सहित अन्य तकनीकी कमियों को दूर किया जाएगा। इसके साथ ही 33 केवी और 11 केवी लाइनों की मरम्मत, झुके हुए विद्युत पोलों को सीधा करने, जर्जर तारों को बदलने तथा विद्युत लाइनों के आसपास आए पेड़ों की छंटाई का कार्य कराया जाएगा।
डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों में तेल रिसाव की समस्या दूर करने के साथ ही निर्धारित रेटिंग के फ्यूज लगाए जाएंगे। वहीं, उपकेंद्रों पर लगे ब्रेकर, स्विच और वीसीबी का भी आवश्यक अनुरक्षण किया जाएगा।
अधिशासी अभियंता के अनुसार सभी अनुरक्षण एवं सुधार कार्य 14 अक्टूबर तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। इसके बाद 21 से 27 अक्टूबर के बीच डिस्कॉम और शक्ति भवन मुख्यालय से विशेष टीमें मौके पर पहुंचकर कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच करेंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी कार्य में कमी, गुणवत्ता में लापरवाही अथवा निर्धारित मानकों की अनदेखी पाई गई तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनुरक्षण माह का उद्देश्य विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस कार्य की मानिटरिंग लखनऊ से होगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
