
दैनिक भारत न्यूज
मिर्ज़ापुर :
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरहुआ वाराणसी के डाक्टर ने कमाल कर दिया। इनके प्रयास से कुत्ते के रैबीस से पीड़ित उस बच्चे की जान बचा लिए, जो कुत्ते की तरह भौंकने लगा था। करीब दो माह के सघन इलाज के बाद बच्चा अब बिल्कुल स्वस्थ है, वह हंसते खेलते स्कूल पढ़ने जा रहा है।
मिर्जापुर जिले के सदर तहसील कछवा बाजार स्थित जोगीपुरवा वार्ड के रहने वाले भाईलाल के बेटे करण को ननिहाल हरौवा में दिसंबर 2025 को कुत्ते ने काट लिया था। उस समय करण ने एंटी रैबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाया था। करीब चार माह बाद उसकी तबियत बिगड़ गयी और वह कुत्ते की तरह भूकने लगा। ईलाज के लिए परिवार के लोग मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराए, उसकी हालत देखकर डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। इसके बाद उसे वाराणसी बीएचयू में भर्ती कराया गया। यहां भी राहत नहीं मिली। इस बीच रैबीज के कारण उसे पानी से डर लगने लगा, उसकी आवाज बदल गयी। वह कुत्ते की तरह आवाज निकालने लगा। डॉक्टरों ने परिवार को सलाह दिया दिया की इनका बचना मुश्किल है। इसे अंधेरे कमरे में बंद कर दे परिवार के लोग दूर रहे है।
लेकिन परिवार ने हार नहीं माने और वाराणसी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरहुआ में डॉक्टर के यहां ले गये। जहां डॉक्टर ने उसे एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया। जिसके बाद उसकी तबियत ठीक होने लगी। करीब दो माह के सघन इलाज के बाद उसकी तबियत ठीक हो गयी। डाक्टर ने उसे कुल सात इंजेक्शन लगाए।
करण अब बिल्कुल स्वस्थ है। वह दोस्तों के साथ खेल रहा है और स्कूल जा रहा है।
इस संबंध में डा. संतोष कुमार बिंद ने बताया कि मेडिकल साइंस में यह असंभव है। एक बार रैबीज फैलने के बाद मरीज का ठीक होना मुश्किल था। मेडिकल साइंस के लिए भी शोध का विषय है।
बता दें कि करण कुत्ता काटने के बाद रैबिज के प्रभाव में कुत्ते की तरह भूकने लगा था।
