
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
पुलिस ने मंगलवार को नकल गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर लिया। वह नौ अगस्त 2026 को शहर के शिब्ली नेशनल इण्टर कॉलेज, आजमगढ़ में आयोजित UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा में एक अभ्यर्थी को नकल कराने का छह लाख में ठेका लिया था।
पुलिस के मुताबिक परीक्षा के दौरान ब्लॉक-A के कक्ष में परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी आलोक पटेल पुत्र वंशराज पटेल, निवासी ग्राम भड़ाव, थाना जंसा, जनपद वाराणसी, उम्र करीब 24 वर्ष की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर कक्ष निरीक्षकों द्वारा उसकी जांच की गई।
जांच के दौरान उक्त अभ्यर्थी के कान के अन्दर से 01 हियरिंग डिवाइस तथा अण्डरवियर के अन्दर से 01 ब्लूटूथ डिवाइस, जिसमें सिम कार्ड लगा हुआ था एवं 02 सेल बैटरी बरामद हुईं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संबंध में पूछताछ करने पर अभ्यर्थी द्वारा बताया गया कि उसे परीक्षा में बाहर से प्रश्नों के उत्तर बताकर पास कराने के उद्देश्य से उक्त डिवाइस उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अनावरण का विवरणः
प्रकरण की विवेचना के दौरान नकल कराने वाले गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका प्रकाश में आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़, डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
इसी क्रम में दिनांक 11.08.2026 को उ0नि0 अभिषेक कुमार मिश्रा, उ0नि0 राजेन्द्र कुमार मय पुलिस टीम द्वारा मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित प्रकाश में आए अभियुक्त वीरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू पुत्र स्व0 तारसनाथ, निवासी कुरौना सरौनी, थाना जंसा, जनपद वाराणसी, उम्र करीब 31 वर्ष को प्राइवेट बस अड्डा, आजमगढ़ से समय करीब 12:30 बजे नियमानुसार हिरासत पुलिस में लिया गया। अभियुक्त के कब्जे से 01 अदद मोबाइल फोन वीवो बरामद हुआ। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
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पूछताछ का विवरणः
पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसके मित्र आनंद पटेल एवं कुश पटेल, निवासीगण जनपद वाराणसी के साथ मिलकर परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने की व्यवस्था करने वाले व्यक्तियों से सम्पर्क किया गया था। अभियुक्त के अनुसार UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा में आलोक पटेल को पास कराने के लिए ₹06 लाख में सौदा तय हुआ था। परीक्षा में नकल कराने के लिए आलोक पटेल को एक हियरिंग/ईयर डिवाइस तथा एक ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराई गई थी। उक्त उपकरणों के प्रयोग की विधि भी बताई गई थी। डिवाइस उपलब्ध कराने के एवज में ₹15,000/- एडवांस धनराशि लिए जाने की बात भी अभियुक्त द्वारा बताई गई।
अभियुक्त के अनुसार परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थी को बाहर से प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने की योजना थी। परीक्षा के दौरान आलोक पटेल के पकड़े जाने के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका भी विवेचना में प्रकाश में आई है।
अभियुक्त द्वारा पूछताछ में बताए गए तथ्यों एवं अन्य प्रकाश में आए व्यक्तियों के संबंध में अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
