
दैनिक भारत न्यूज
लखनऊ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, बाढ़ की स्थिति, आगामी पर्व एवं त्योहारों की तैयारियों, खाद की उपलब्धता तथा स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन एवं सामाजिक समरसता का महापर्व है। इसके शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित संचालन में बाधा उत्पन्न करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए तथा भ्रामक एवं मिथ्या समाचार फैलाकर माहौल बिगाड़ने के हर प्रयास का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए।
जनपद बरेली में कांवड़ यात्रा एवं आला हजरत उर्स के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
किसानों के लिए यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो, आवश्यकता के अनुसार पैक्स में अतिरिक्त मानवबल की व्यवस्था की जाए, उर्वरकों की एक भी बोरी की कालाबाजारी न होने पाए तथा खतौनी का सत्यापन कर ही खाद का वितरण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इससे किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने, प्रदेश में कार्यरत 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा महिलाओं की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम ने बलिया, बाराबंकी एवं उन्नाव सहित बाढ़ प्रभावित आठ जनपदों के जिलाधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य पूरी तत्परता से जारी रहें तथा कहीं भी सहायता में कोई कमी न रहे। मैरुण्ड हो गए गांवों के निवासियों तक हरसंभव सहायता तत्काल पहुंचाई जाए। सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर एवं बलिया में नदियों के तटबंधों की कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने बलिया में कटान से प्रभावित परिवारों को शीघ्र भूमि का पट्टा एवं आवास उपलब्ध कराने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने स्कूली वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि केवल वही वाहन संचालित किए जाएं, जो निर्धारित फिटनेस मानकों पर पूरी तरह खरे उतरते हों। उन्होंने ई-रिक्शा, टैक्सी एवं स्कूली वाहन चालकों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जा सके।
