

दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
गुरु गोविंद दोउ खड़े काकू लागे पाय बलिहारी गुरु आपने गोविंद दिवो बताए। गुरु और छात्रा का एक पवित्र रिश्ते को एक शिक्षक ने कलंकित कर दिया। शिक्षक जिस स्कूल में पढ़ाता था। उसी स्कूल की कक्षा 10 वीं की एक छात्रा को अपने प्यार के जाल में फंसा कर उससे भगा ले गया और शादी करने के बाद घर लौटा।
आजमगढ़ जिले के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के एक प्राइवेट स्कूल में एक युवक पढ़ाता था। वह गणित का अध्यापक था। इसी स्कूल में पढ़ने वाली हाईस्कूल की छात्रा को पढ़ाते पढ़ाते वह प्यार का ककहरा पढ़ाने लगा। आलम यह हुआ कि छात्रा अपने गुरु के प्यार में पागल हो गयी। वह अपने मां-बाप, भाई, बहन को भुलाकर अपने शिक्षक प्रेमी के साथ फरार हो गई। गुरु और छात्रा ने साथ जीने और मरने की कसमें खाने लगे। प्यार का ककहरा सीखने के लिए छात्रा घर से निकली और अपने गुरु प्रेमी के साथ फरार हो गई। इसी बीच लड़की के किसी परिचित ने उन दोनों को देख लिया और दोनों को पकड़ लिया। दोनों के परिजनों को बुलाया गया। प्यार का ककहरा सीख चुकी प्रेमिका अपने गुरु प्रेमी के साथ जीने मरने की जिद पर अड़ गयी तो वहीं गुरु प्रेमी भी साथ जीने मरने की कसम खाने लगा। दोनों की जिद के आगे परिजनों ने शादी करना ही मुनासिब समझा। आनन- फानन में परिजनों ने दोनों की शादी एक मंदिर में करा दिया। वही यह शादी स्कूल के छात्र- छात्राओं और शिक्षकों तथा गांव के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यह देखना होगा कि 15 साल की साल की छात्रा और 25 साल के गुरु प्रेमी की यह कहानी कितने दिनों तक चलती है। यह पूरा मामला फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अंबारी बाजार के पास स्थित एक स्कूल का है। लोगों के मुताबिक नाबालिग छात्रा के घर वाले शादी के लिए राजी कैसे हो गये।
