
शासन के आदेश पर शुरू हुई जांच में साइबर क्राइम विशेषज्ञ को भी किया गया है शामिल
मदरसों के फंडिंग की जांच के लिए गठित की गयी है एसआईटी
दैनिक भारत न्यूज ब्यूरो
लखनऊ।
प्रदेश भर के मदरसों को विदेशों से फंडिंग होती है। इसमें किस प्रकार के धन का उपयोग किया जा रहा है। इन सभी बातों की जांच के लिए सरकार की तरफ से एडीजी एटीएस के नेतृत्व में जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इस जांच टीम में यूपी पुलिस के तेज तर्रार आईपीएस प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह को भी शामिल किया गया है।
प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह साइबर क्राइम के एक्सपर्ट हैं। यही कारण है की उन्हे एसपी आजमगढ़ के पद से हटाकर नया साइबर सेल और थानों का गठन करके पहले एसपी साइबर क्राइम की कमान सौंपी गयी है।
बता दें की प्रदेश भर में कयी छोटे बड़े मदरसे संचालित हैं। इनमें से कयी मदरसे केवल कागजों पर ही संचालित हैं और तमाम तरह के फंड ले रहे हैं। इनमें से कईयों को विदेशों से फंडिंग होती है। किन किन मदरसे में विदेशी फंडिंग हो रही है। उसकी जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया है। टीम में एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल, एसपी साइबर क्राइम प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के डायरेक्टर रीभा को एसआईटी टीम में शामिल किया गया है।
एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में एसआईटी करेगी जांच। इस दौरान देखा जाएगा कि विदेशी फंडिंग को शैक्षिक कार्यों में खर्च किया जा रहा है, या दूसरे कार्यों में लगाया जा रहा है। शक है कि कुछ लोग देश विरोधी गतिविधियों में
धर्म परिवर्तन कराकर अपनी संख्याबल बढ़ाने में लगा रहे हैं।
