आशीष तिवारी

आजमगढ़।
सिधारी थाना क्षेत्र के भदुली बाइपास पर शुक्रवार की देर रात हुई मुठभेड़ में एक लाख का इनामी जितेंद्र मुसहर पुलिस की गोली से घायल होकर गिरफ्तार कर लिया गया। वह बीते आठ साल से पुलिस की आंख में धूल झोंकर घूम रहा था।
गाजीपुर जिले का रहने वाला जितेंद्र मुसहर की एक सशक्त गिरोह है। इस गिरोह के सदस्य जघन्य तरीके से हत्याकर लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। मई 2014 में जिस समय इस गिरोह के सदस्यों ने तरवां थाना क्षेत्र में पंचदेव मंदिर में हत्या और लूट की घटना को अंजाम दिए थे। उस समय आजमगढ़ के एसपी अनंत देव और एसओ तरवां सुनील सिंह रहे। इन आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर थानाध्यक्ष को कई नक्सली संगठनों का धमकी भरा फोन आया था। पुलिस को धमकी मिलने से हड़कंप मच गया था। हालांकि पुलिस आरोपियों को सख्त सजा दिलवा पाती कि एसपी अनंत देव का ट्रांसफर हो गया। तभी से यह सभी जेल में थे कि 18 अगस्त 2016 को जितेंद्र आदि आजमगढ़ की अत्याधुनिक जेल की 22 फुट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गये। घटना के समय जिले में पुलिस की कमान आईपीएस अजय साहनी के हाथ में थी। पुलिस इन आरोपियों की काफी दिनों से तलाश कर रही थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। लेकिन बीते आठ सालों से फरार चल रहे इन आरोपियों में से एक जितेंद्र मुसहर को एसपी अनुराग आर्य की टीम गोली से घायल करते हुए गिरफ्तार कर ली। जितेंद्र की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जल्द ही उसके गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार करेगी। इस प्रकार की अब रणनिति तैयार की जा रही है।

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