
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के अतरौलिया थाना के बड़ा गांव निवासी लालचंद प्रजापति की पुत्री मुद्रिका प्रजापति उम्र 26 वर्ष कि मुद्रिका की शादी बाराबंकी जिले के रामनगर थाना के बहलोलपुर गांव में हुई थी। पिछले 6 माह पूर्व मुद्रिका अपने मायके में बहन की शादी में शामिल होने आई थी। तभी से वह मायके में थी। रविवार की दोपहर करीब 2:00 बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर में भर्ती किया। जहां उसे नॉर्मल डिलीवरी से बच्ची पैदा हुई।

मुद्रिका की हालत ठीक देख सोमवार की सुबह डॉक्टर ने छुट्टी दे दिया। मुद्रिका जब घर पहुंची उसके 2 घंटे बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो परिजनों ने तुरंत पीड़िता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर में भर्ती कराया। जहां इलाज के अभाव में मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जब हम लोग अपने मरीज को अस्पताल में भर्ती कराए तो किसी भी वार्ड में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। एक घंटे बाद जब तक हाथ लगाते उसके पहले ही मरीज मर चुकी थी। मरीज का ऑक्सीजन लेवल काफी डाउन हो गया था। इलाज के अभाव में मरीज ने दम तोड़ दिया। हालत गंभीर बताकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। जब हम परिजनों ने सौ सैय्या अस्पताल ले गए, तो वहां पर डॉक्टर ने हमारे मरीज को मृतक घोषित कर दिया। परिजन मरीज को लेकर के घर आए। आक्रोशित ग्रामीण और परिजनों ने पुनः सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया। लगभग आधे घंटे तक अस्पताल परिसर में परिजन कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। ग्राम प्रधान प्रमोद यादव उर्फ मुन्ना के समझाने पर परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया और अपने घर चले गए।
