
दैनिक भारत न्यूज
लखनऊ।
महिलाओं से जुड़ी जब जब कोई बड़ी घटना होती है तो पुलिस और सरकार सोहदों के खिलाफ अभियान चलाती है। मुद्दा शांत होने के बाद पुलिस और सरकार दोनों मौन साध जाती है। आलम यह है कि मौजूदा समय में सोहदे सक्रिय हैं और एंटी रोमियो दल निष्क्रीय है।
इसका ताजा उदाहरण बांदा जिले में मंगलवार की सुबह देखने को मिला। जहां सोहदों की हरकत से परेशान होकर कक्षा दसवीं की छात्रा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
जानकारी के मुताबिक छात्रा कक्षा दस में पढ़ रही थी। उसे स्कूल आते जाते समय छेड़ रहे थे। शिकायत के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं की। परेशान छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार कि सुबह उसके कमरे का दरवाजा तोड़ने के बाद शव को बाहर निकाला गया। शव के पास से मिले सुसाइट नोट के जरिए छेड़खानी से तंग होकर जान देने का मामला पता चला। पुलिस छात्रा के पिता की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर ली है। मामले की गहनता से जांच कर रही है। उधर बांदा की घटना के बाद प्रदेश भर में पुनः एंटीरोमियो दल को सक्रिय करने की मांग की जा रही है।
