
दैनिक भारत न्यूज ब्यूरो
अयोध्या।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के संबंध में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की तरफ से एक वीडियो जारी किया गया है। जिसमें उन्होंने बताया कि 22 जनवरी को जो मेहमान आने हैं वह तय हो गए हैं। सभी लोग उस दिन नहीं आ सकते इसलिए वह अपनी निकटवर्ती राम मंदिर में जाकर प्रभु के दर्शन करें। साथ ही घर पर पांच दिए जलाएं।
प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में होंगे 11 यजमान, 12 अधिवासः
श्री रामलला की मूर्ति का जिस कुटिया में निर्माण किया गया, 16 जनवरी को पूजन कार्य उसी कर्म कुटी से प्रारंभ होगा। इसके बाद मूर्ति का निर्माण करने वाले शिल्पी का प्रायश्चित पूजन होगा। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के ब्रह्मा गणेश्वर शास्त्री द्राविड़, प्रमुख आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित, सुनील दीक्षित, गजानंद जोगकर, अनुपम दीक्षित, घटाटे गुरुजी प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। इसमें 11 यजमान भी होंगे।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता और धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने बताया कि 17 जनवरी को श्री विग्रह का परिसर भ्रमण कराया जाएगा। गर्भगृह का शुद्धिकरण होगा। 18 जनवरी से अधिवास प्रारंभ होगा। दोनों समय जलाधिवास होगा। साथ ही सुगंधि और गंधाधिवास भी होगा। 19 जनवरी को सुबह फल अधिवास और शाम को धान्य अधिवास होगा। इसी तरह 20 जनवरी को सुबह पुष्प और रत्न अधिवास, शाम को घृत अधिवास होगा। 21 जनवरी को सुबह शर्करा, मिष्ठान और मधु अधिवास होगा। शाम को औषधि और शय्या अधिवास होगा। भगवान राम सूर्यवंशी हैं और आदित्य भी द्वादश हैं। इसलिए द्वादश यानी 12 अधिवास हो रहे हैं। इसके अलावा सोलह से 22 जनवरी तक चतुर्वेद यज्ञ होगा।
