
पुलिस पर लगाया फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप
किशोरी से रेप के आरोप में जीयनपुर पुलिस लखनऊ से गिलफ्तार की थी
आजमगढ़।
जिला कारागार से पेशी पर आए एक बंदी ने शुक्रवार की दोपहर को कोर्ट परिसर में ब्लेड से खुद के गले पर वार कर लिया। घटना से कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। लहूलुहान हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर लोगों में चर्चा है की जेल से बाहर निकलते समय और भीतर जाते समय बंदियों की गहन चेकिंग होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा की उसके पास ब्लेड कहां से आया।
लखनऊ जिले के ठाकुरगंज थाना अंतर्गत हबीबपुर कला पहाड़ निवासी नईम अंसारी (30) को जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने 27 अगस्त को पॉक्सो एक्ट में लखनऊ से ही गिरफ्तार किया था।
आजमगढ़ लाकर उसे न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को वह जेल से न्यायालय पेशी पर लाया गया था। इसी दौरान न्यायालय लॉकअप में न जाने कहां से वह ब्लेड पा गया और अपने गर्दन पर वार कर लिया। बंदी के लहूलुहान होते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन पुलिसकर्मी उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उपचार के बाद नईम ने बताया कि उसे जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने फर्जी मामले में गिरफ्तार किया है। जिसके चलते ही उसने इस घटना को अंजाम दिया है। एसपी अनुराग आर्य ने बताया की पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार एक बंदी ने पेशी पर आने के दौरान न्यायालय परिसर में ब्लेड से खुद के गर्दन पर वार किया। उसके गदर्न पर हल्की चोट आई है। जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
