दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
लालगंज तहसील क्षेत्र के गोमती नगर खनियरा गांव में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रामायण महासम्मेलन में तीसरे दिन सोमवार को पहुंचे प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा समाज में आस्था के प्रति जो लोगों का विचार बदल रहा है। इस तरह के महासम्मेलन के आयोजन से वर्तमान पीढ़ी के लिए और आने वाले पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा। भगवान राम ही साक्षात धर्म हैं। इसलिए भगवान राम के जीवन को पढ़कर समझकर सुनकर लिखकर देखकर पढ़ करके ही व्यक्ति अपने जीवन का विकास कर सकता है। व्यक्ति जब अपनी संस्कृति और सभ्यता से अलग अलग हो जाता है तो उसको दूसरों की संस्कृति प्रभावित करने लगती है। हम अपने प्राचीन सभ्यता के बारे में जानें। दुनिया में कोई ऐसी उन्नत संस्कृति नहीं है जैसे अपने भारत में है। दुनिया में ऐसे भी नायक हैं जिनको देखने और सुनने में अच्छा लगता है। दुनिया में एक ऐसा नायक है जिनको सुनने देखने सब कुछ करने में अच्छा लगता है और वह नायक राम जी हैं। राम तुम्हारा चित्र ऐसा है जो काव्य बन जाता है। भगवान राम के चरित्र पर अनंत काल तक चर्चा की जा सकती है, जो प्रतिकुलता में अनुकूलता का दर्शन करा दे वह श्री राम हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रही राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित कवित्री डॉ मंजरी पांडे ने रामायण में कैकई के चरित्र को त्याग का स्वरूप बताया। पुत्र एवं स्वामी का मोह छोड़ रघुकुल रीत निभाने के लिए कैकेई ने राम को 14 वर्ष वनवास भेजा था, आईआईटी बीएचयू के हेड रहे अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा मनुष्य का उच्च कोटि का कर्म ही राम के पद चिन्हों का स्वरूप है। निशांत मालवीय ने शिव तांडव स्त्रोत सुनाया , कार्यक्रम में प्रोफेसर राधेश्याम प्रधान (नेपाल ), प्रमोद कुमार मिश्रा अध्यक्ष (अखिल भारतीय ब्राह्मण विद्वत न्यास परिषद), शरद कुमार सिंह (बानर सेना प्रदेश अध्यक्ष), सप्तागिरीश रामभटला (शंकर आई अस्पताल बनारस प्रमुख), अमित सिंह (कमांडेंट सीआरपीएफ), एसपी ग्रामीण चिराग जैन, कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा , भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना, अनुराग सिंह सोनू, केएल सिंह (विभाग प्रचारक विभाग प्रचारक विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत), हरिनारायण सिंह बिसेन (सेवा भारती काशी प्रांत मंत्री), दुर्गेश सिंह( वरिष्ठ लेखाधिकारी), यूपी बेसिक कुसुम सिंह, उमेश सिंह, बृजेश सिंह, मुकेश सिंह, अभिजीत सिंह, नरेंद्र तिवारी, अभिनव सिंह, उपेंद्र यादव, मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अपर्णा सिंह ने किया। इसी के साथ कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गयी।

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