आजमगढ़ जेल में मोबाइल के जरिए पंकज मांग रहा था धनपशुओं से रंगदारी
जेल से रंगदारी की बढ़ती घटना के बाद जिले में बनाना बड़ गया नया जेल
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
मथुरा जिले में मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश पंकज यादव को ढेर कर दिया। बुधवार को इस खबर से पूर्वांचल के तमाम लोगों ने राहत की सांस लिए हैं।
मऊ जिले का रहने वाला फंकज यादव सुपारी किलर था। पुलिस के मुताबिक साल 2012 के आसपास पंकज यादव को एसटीएफ की टीम गिरफ्तार कर उसे शहर कोतवाली आजमगढ़ को सौंपा गया था। कोतवाली से लूट के मामले में उसे आजमगढ़ जिले के पुराने जेल भेजवा दिया गया। उस समय जेल में श्याम बाबू पासी और उसकी टीम भी मौजूद थी। सभी बदमाश मिलकर जेल के भीतर से रंगदारी मांगने लगे। लोगों की शिकायत से परेशान तात्कालिक एसपी आकाश कुलहरि रात में जेल में छापा मारा। एक साथ 17 मोबाइल मिली थी। इसके बाद पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी करने लगी। बदमाश भी बचने के लिए मोबाइल जेल के दीवार कि ईंट में मोबाइल छिपा देते थे। पंकज आदि के आतंक से आजमगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, बिहार तक के लोगों में दहशत थी। प्रशासन हलकान रहता था। 
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जेल से रचते थे हत्या की साजिशः
जेल से साजिश रचने में पंकज भी माहिर था। वह जेल के भीतर रहकर अपने इशारे पर लूट की कयी बड़ी घटनाओं को अंजाम दिलवाया। पुलिस जेल से फोन चलाने की बात कहती, जबकि जेल प्रशासन ओके बताता। दोनों विभाग की लड़ाई का फायदा बदमाशों ने खूब उठाया। डीएम भी परेशान हो गये। इस तरह के अपराध रोकने के लिए ही इटौरा में नये अत्याधुनिक जेल का निर्माण किया गया।
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इस तरह से हुआ आतंक का अंतः
एसटीएफ के हाथों एक लाख रुपये का इनामी बदमाश पंकज यादव ढेर हो गया। यह मुठभेड़ मथुरा जिले के फरह थाना क्षेत्र में हुई। जिसमें पंकज यादव मारा गया। मौके से एक पिस्टल, एक रिवॉल्वर, कारतूस और बाइक बरामद की गई है। मारे गए बदमाश पंकज यादव पर हत्या, लूट, डकैती और रंगदारी जैसे करीब 40 मुकदमे दर्ज थे। मऊ में ठेकेदार मन्ना सिंह हत्याकांड के गवाह पुलिसकर्मी की हत्या का मुख्य शूटर था। काफी समय से फरार चल रहा था। एसटीएफ के डिप्टी एसपी धर्मेश शाही की टीम ने उसे मार गिराया।
बुधवार तड़के जनपद मथुरा के थाना फरह क्षेत्र में लगभग 5.20 बजे मुख्तार अंसारी और बिहार के माफिया शहाबुद्दीन और अन्य गिरोहों के लिए भाड़े पर हत्या करने वाला कॉंट्रैक्ट किलर पंकज यादव के साथ मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में पंकज यादव गोली लगने से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसटीएफ के मुताबिक मन्ना सिंह हत्याकांड के मुख्य गवाह और उसके पुलिस सुरक्षाकर्मी की सनसनीखेज हत्या करने वाला पंकज यादव फर पर एक लाख का इनाम भी घोषित था। पंकज यादव मऊ जिले के गांव तहिरापुर, थाना रानीपुर का रहने वाला था। इसका साथी फरार हो गया है। उसकी तलाश जारी है।
