
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
दरवाजा तोड़ने को लेकर हुए विवाद में मारपीट कर बुरी तरह से घायल किए जाने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को 5 वर्ष के कठोर कारावास तथा इक्यानवे हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने जुर्माना की आधी धनराशि तीनों चुटहिल को बराबर बराबर दिए जाने का आदेश दिया।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो अमर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनाया।अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी प्रभावती ग्राम करसरा थाना मेहनाजपुर की निवासी है। पुरानी रंजिश को लेकर 24 अक्टूबर 2019 की सुबह 6:30 बजे प्रभावती के पड़ोसी अरुण, विजय बहादुर तथा आनंद रम्मा लेकर आए और वादिनी के कच्चे मकान का दरवाजा तोड़ दिए। इस पर प्रभावती के घर के अशोक ने एतराज किया तो तीनों हमलावरों ने कटारी तथा रॉड से अशोक को बुरी तरह से मारा। अशोक को बचाने प्रभावती के पति वंश बहादुर और देवर यादवेंद्र गए तो हमलावरों ने उन्हें भी बुरी तरह से मारा पीटकर घायल कर दिया। इन चोटों की वजह से अशोक और वंशबहादुर वहीं पर बेहोश हो गए। मुकदमे में जांच पूरी करने के बाद पुलिस से तीनों आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय देवता अभय दत्त गोंड और हरेंद्र सिंह ने कुल बारह गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया।दोनों पक्षों के दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी विजय बहादुर को 5 वर्ष के कठोर कारावास तथा इक्यानवे हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में अरुण और आनंद को दोषमुक्त कर दिया।
