
दैनिक भारत न्यूज
लखनऊ।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव चुनाव के समय सपा के खिलाफ बगावत करने वाले विधायकों की घर वापसी के मूड में नहीं है। पार्टी अब उनकी सदस्यता खत्म कराने की तैयारी में है। इस संबंध में जल्द यूपी विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा जाएगा। पार्टी की तरफ से जल्द ही इस संबंध में विधान सभा अध्यक्ष को पत्र लिखा जाएगा।
जिनके खिलाफ विस अध्यक्ष को पत्र भेजा जाएगा। उसमें विधायक मनोज पांडेय, अभय सिंह, पूजा पाल, राकेश पांडेय, राकेश प्रताप सिंह, विनोद चतुर्वेदी व आंशु मौर्य आदि शामिल हैं। इनमें अधिकांश ने राज्यसभा चुनाव के समय भाजपा के पक्ष में क्रासवोटिंग किए थे। लोकसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायक भाजपा में शामिल हो गए। जब नतीजे आए तो भाजपा के साथ-साथ इस बार इन विधायकों को भी झटका लगा है। क्योंकि यह भाजपा को उम्मीद के मुताबिक वोट नहीं दिलवा पाए।
इस बीच इन विधायकों की घर वापसी की चर्चा शुरू हुई तो अखिलेश यादव ने सिरे से नकार दिया है। बागी विधायकों में पल्लवी पटेल भी है। पूर्व विधायक नारद राय ऐन वक्त पर बलिया में भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद भी सपा ने बलिया सीट जीती। इन सबसे खफा अखिलेश किसी को वापस लेने के मूड में नहीं है।
सपा प्रवक्ता फखरूल हसन चांद ने एक्स पर लिखा, ‘राज्यसभा चुनाव के समय समाजवादी पार्टी से धोखा देने वाले ग़द्दार विधायक कल परिणाम आने के बाद से अखिलेश यादव को माफ़ी देने का संदेश भेज रहे हैं कि एक बार माफ़ कर दीजिए एक मौक़ा दीजिए। कुछ क़रीबियों से पैरवी कर माफ़ी माँगने के लिये समय दिलवाने की गुज़ारिश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव ने ग़द्दार विधायकों से मिलने से इंकार किया और पैरोकार को सुनाई खरी-खरी
