दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
लालगंज तहसील क्षेत्र के सबसे बड़े कास्तकार, शिक्षा की अलख जगाने वाले लहुवां गांव निवासी श्यामसुंदर सिंह अब हम लोगों के बीच नहीं रहे। उनका वाराणसी के एक अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को निधन हो गया। मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया। उनकी मौत से क्षेत्र के सभी वर्ग के लोग दुखी हैं।
लालगंज तहसील क्षेत्र के लहुवां गांव की पूरे जिले में एक अलग पहचान रही है। इसी गांव के पूर्व सांसद स्व. कालिका सिंह, पूर्व विधायक स्व. श्रीप्रकाश सिंह उर्फ ज्ञानू सिंह, वर्तमान में पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह आदि महान लोगों के बीच एक नाम श्यामसुंदर सिंह का भी रहा है। वे गांव में स्थित श्री भवनाथ इंटर कालेज लहुवां के प्रधानाचार्य पद से रिटायर हुए थे। दो भाईयों में श्यामसुंदर सिंह बड़े थे। इनके छोटे भाई जयप्रकाश सिंह उर्फ जेपी सिंह दिवानी न्यायालय के वरिष्ठ वकीलों की सूची में शामिल हैं। वह करीब चालीस सालों से वकालत कर रहे हैं, क्रिमिनल के अच्छे अधिवक्ताओं में से एक हैं। जेपी सिंह ने बताया कि भाई साहब को बचपन से ही सामाजिक कार्यों में विशेष रुचि थी। लोगों की अपने स्तर से हर संभव मदद करते थे। लोगों को शिक्षित होने पर जोर देते थे। जेपी सिंह ने बताया कि उम्र होने के साथ ही उनकी तबियत खराब होने पर वाराणसी के एक अस्पताल में भर्ती थे। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गये। वे अपना भरापुरा परिवार छोड़ गये। श्यामसुंदर सिंह की मौत से शिक्षक वर्ग, राजनितिक वर्ग, अधिवक्ता वर्ग आदि के लोग दुखी हैं।

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