
दैनिक भारत न्यूज
मेंहनगर ( आजमगढ़)।
मकर संक्रांति के अवसर पर मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टर संदीप पांडे गोपालपुर में अधिवक्ता विनोद यादव के परिवर्तन पाठशाला कार्यालय का उद्घाटन किया। सराय भादी में कृष्णा की स्मृति सोशलिस्ट किसान सभा मेंहनगर, प्रभारी हीरालाल यादव द्वारा आयोजित किसानों के महापर्व पर आयोजित ग्रामीण प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए।
मैगससे पुरस्कार से सम्मानित सोशलिस्ट पार्टी इंडिया महासचिव डॉ संदीप पांडे ने कहा कि हीरालाल यादव ने अपने व्यक्तिगत दुख को जो उनके बेटे की हत्या की गई, उस त्रासदी की अभिव्यक्ति एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जो सामाजिक एकता का कार्यक्रम है के रूप में जो उन्होंने किया है वह बहुत सुंदर काम है। जब पूरी दुनिया धर्म-जाति-नस्ल और तरह-तरह की जातीयता की पहचानों के आधार पर बंट रही है, एक दूसरे के खिलाफ लोग लड़ रहे हैं, वैसे समय में सभी जाति-धर्म-लिंग के लोगों को साथ में लाकर कार्यक्रम करना यह समय की जरूरत है। सिख धर्म से सीखने की जरूरत है। जम्मू के एक मां वैष्णो देवी उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थान को सिर्फ इसलिए बंद कर दिया गया। क्योंकि उसमें 50 छात्रों का जो दाखिला हुआ उसमें 42 मुसलमान थे, यह तो अगर कोई सच्चा हिंदू होता तो उसको खुशी होनी चाहिए थी कि मां वैष्णो देवी संस्थान के नाम पर मुस्लिम छात्र उसमें पढ़ने आ रहे हैं। गुरुद्वारे में जहां किसी जाति-धर्म के नाम पर कोई रोक-टोक नहीं होती है, कोई भी वहां जा सकता है, गुरुद्वारे के अंदर भी जा सकता है मत्था टेक सकता है और लंगर खा सकता है, तो इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। यह जो अलग-अलग धर्म हैँ जो सब कहते हैं कि भगवान एक है, लेकिन आपस में जो दूरियां बनाते हैं एक-दूसरे से इसको खत्म करने के लिए भी इस तरह के कार्यक्रम होने चाहिए। जिसमें सभी लोग बिना किसी जाति-धर्म-लिंग, पहचान के भेदभाव के बिना शामिल हो सकें।
डॉ संदीप पाण्डेय ने एडवोकेट विनोद यादव के कार्यालय का उद्घाटन घिनहापुर में किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा को केंद्र सरकार ने ख़त्म कर दिया है। मजदूरों के अधिकारों, ग्राम सभा के अधिकारों को मुद्दा बनाते हुए सोशलिस्ट पार्टी इंडिया आगामी पंचायत चुनाव में लड़ेगी। इसका नेतृत्व आजमगढ़ में विनोद यादव करेंगे।
इस कार्यक्रम में किसान नेता राजीव यादव, सोशलिस्ट पार्टी इंडिया के महासचिव सलीम खान, पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव, निशांत राज, राज शेखर, नंदलाल यादव, अवधेश यादव, डॉ राजेंद्र यादव आदि शामिल थे।
